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खतरनाक पटाखों से ऐसे बचाएँ अपनी आँखों को !

लेखक: DINBANDHU RAI · · आससे · 95 बार पढ़ा गया
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खतरनाक पटाखों से ऐसे बचाएँ अपनी आँखों को !

इस पावन प्रकाश पर्व दीपावली को हर्षोल्लास के साथ मनाएँ, लेकिन अपनी और अपने परिवार की आँखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। दीपावली के उत्सव में होने वाली आतिशबाजी के दौरान थोड़ी-सी असावधानी आँखों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।

पटाखा-बम के तेज धमाके से आँखों के अंदर रक्तस्राव (Bleeding) हो सकता है। आँख के लेंस व नेत्रगोलक फट सकते हैं। आँख का पर्दा (Retina) अपनी जगह से उखड़ सकता है। बारूद व पटाखे के कणों से कॉर्निया में घाव (अल्सर) हो सकता है।

बी.एच.यू. स्थित क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान के विभागाध्यक्ष एवं नेत्र चोट एवं नेत्र कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर आर. पी. मौर्य बताते हैं कि पिछले दो वर्षों के आँकड़े देखें तो दीपावली के समय पटाखों से आँखों में चोट का इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई।

वर्ष 2024 में दीपावली के समय एक पखवाड़े के अंदर नेत्र संस्थान में कुल 36 लोग पटाखों से चोटिल होकर इलाज के लिए आए। उनमें 64% शहरी थे तथा 36% ग्रामीण क्षेत्र से थे। 21 वर्ष से कम उम्र के युवा/बच्चे लगभग 69% थे। 69% लोग खतरनाक पटाखों, जैसे रॉकेट-बम, सुतली-बम व अनार-बम आदि से चोटिल हुए थे। इनमें लगभग 7% लोगों की एक आँख की रोशनी चली गई थी।

जबकी जनवरी 2025 में आर.आई.ओ., बी.एच.यू. में कुल 68 लोग आतिशबाजी से चोटिल होकर इलाज हेतु आए। उनमें लगभग 54% शहरी थे और 46% लोग ग्रामीण क्षेत्र से थे। वर्ष 2025 में अकेले 59% लोग कार्बाइड गन से चोटिल हुए थे, जिनमें 80% चोटिल 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे। डॉ. मौर्य के अनुसार, वर्ष 2025 में पटाखों से चोटिल 16 व्यक्तियों की आँखों की रोशनी चली गई थी।

प्रोफेसर आर. पी. मौर्य ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान आँखों में गंभीर चोट लगने के प्रमुख कारण हैं—1. पटाखे को गलत तरीके से जलाने से असावधानीपूर्वक चोट लगना। 2. खराब गुणवत्ता वाले, लोकल पटाखों का प्रयोग करना।

डॉ. मौर्य ने लोगों से आग्रह किया है कि जिनकी आँखों का ऑपरेशन हुआ है, जो लोग ड्राई आई डिजीज ( आँखों में सूखापन) के रोगी हैं या कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते हैं, उन्हें आतिशबाजी से एकदम दूर रहना चाहिए।

आतिशबाजी के दौरान चोट से बचाव हेतु आम जनता को क्या सुझाव

1. आतिशबाजी हमेशा खुले स्थान/पार्क में करनी चाहिए।

2- आतिशबाजी के दौरान सुरक्षात्मक आईवियर (सेफ्टी गॉगल्स) का प्रयोग अवश्य करें।

3- खतरनाक/विस्फोटक प्रकार के पटाखों को घर पर न लाएँ।

4- छोटे बच्चों को हमेशा दूर रखें या बड़ों की देख-रेख में ही आतिशबाजी की अनुमति दें।

5- पटाखा जलाते समय सिंथेटिक व ढीले कपड़े (गाउन, दुपट्टा, शॉल आदि) न पहनें।

6- कभी भी विस्फोटक पटाखे को बोतल या टीन के डिब्बे में नहीं जलाएँ।

7- अधजले या न जल पाए हुए पटाखों से दूरी बनाकर रखें तथा दोबारा जलाने की कोशिश न करें।

8- पटाखा छोड़ने के बाद 5–6 फीट की दूरी बनाकर रखें।

9- फुलझड़ी (स्पार्कलर्स) को हाथ की दूरी से जलाएँ तथा चेहरे से दूर रखें।

10- फुलझड़ी जलाने के बाद बाल्टी के पानी में डाल दें या बालू में बुझा दें।

11- जलते पटाखे को फेंकना नहीं चाहिए।

12- दर्शक भी 20 फीट की दूरी से सुरक्षा गॉगल्स पहनकर आतिशबाजी देखें।

13- हमेशा मानक (आईएसआई मार्क) के अनुरूप व गुणवत्तापरक पटाखे का प्रयोग करें।

14- आतिशबाजी से पहले पटाखे के ऊपर लिखित सुरक्षा एवं प्रयोग की विधि को अवश्य पढ़ें।

15- पटाखे को ठंडे व सूखी जगह पर रखें।

16. रॉकेट और तेज़ धमाके वाले पटाखों से सावधान रहें: इन्हें लोगों, घरों, वाहनों और जानवरों की ओर कभी न चलाएँ।

17. जले हुए पटाखों को दोबारा न जलाएँ: यदि पटाखा नहीं फूटता है, तो उसके पास तुरंत न जाएँ और उसे दोबारा जलाने का प्रयास न करें।

18. हाथ में पटाखे न जलाएँ: पटाखों को हाथ में पकड़कर जलाना या चेहरे के पास लाना आँखों के लिए अत्यंत खतरनाक है।

19. पटाखे जलाते समय झुककर न देखें: पटाखे के ऊपर चेहरा ले जाने से विस्फोट होने पर आँखों में गंभीर चोट लग सकती है।

20. अनार और चकरी से विशेष सावधानी रखें: इन्हें समतल, खुली जगह पर रखें और जलाने के बाद उनसे दूर हट जाएँ।

21. आँखों को न छुएँ: आतिशबाजी के दौरान आँखों में धूल या बारूद के कण चले जाएँ, तो आँखों को रगड़ें नहीं।

22.आँख में फँसी वस्तु को स्वयं निकालने की कोशिश न करें। चिमटी, रुई या किसी अन्य वस्तु से कण निकालने का प्रयास न करें। इससे आँख के अंदरूनी हिस्सों को गंभीर नुकसान हो सकता है।

23. आँख में कोई घरेलू पदार्थ न डालें। शहद, घी, गुलाब जल या कोई भी घरेलू नुस्खा न अपनाएँ। डॉक्टर की सलाह के बिना आई ड्रॉप या मलहम का प्रयोग भी न करें।

पटाखे से आँख में चोट लगने पर आँख को न रगड़ें, न दबाएँ और उसमें पानी या कोई दवा डालने से बचें यदि गंभीर चोट या आँख में कोई वस्तु धँसी हो। आँख पर दबाव दिए बिना तुरंत नेत्र आपातकालीन विभाग जाएँ।

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