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पाकिस्तानकी चार चौकियां तबाह

भारतीय सेनाने तीन रेंजर्सको भी मार गिराया
जम्मू (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की गोलाबारी का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। गुरुवार  को जवाबी काररवाई में दुश्मन की चार चौकियां तबाह होने के साथ ही तीन रेंजर्स की मौत हो गयी। कई रेंजर्स के घायल होने की भी सूचना है। एक सप्ताह में पाकिस्तान के सात रेंजर्स की मौत हो चुकी है और करीब 13 घायल हो चुके हैं। गुरुवार देर रात तक गोलाबारी जारी रही।
 सीमा सुरक्षा बल जम्मू फ्रंटियर के आइजी राम अवतार ने पाकिस्तानी रेंजर्स को भारी नुकसान होने की पुष्टि करते हुए बताया कि हमने ऐसे संदेश पकड़े हैं, जिनसे साफ है कि उन्हें जान, माल का भारी नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अरनिया में 14 सितंबर की रात को गोलाबारी शुरू की थी। लगातार चार दिन गोले दागने के बाद पाकिस्तान दो रात शांत रहा। अब तक गोलाबारी में दो लोगों की मौत हुई है व कई घायल हो चुके हैं।  पाकिस्तान ने बुधवार आधी रात करीब 12.30 बजे अरनिया, आरएसपुरा व रामगढ़ में भारी गोलाबारी शुरू कर दी और गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे तक जारी रखी। इसके बाद शाम छह बजे तक गोलाबारी बंद रही और दिन ढलते ही फिर गोले दागने शुरू कर दिए। पाकिस्तान ने अरनिया, पिंडी, कठार, जबोवाल, कोट खुर्द, अब्दुल्लियां, चंदू चक्क, लाइयां, आरएसपुरा के जोड़ा फार्म, रामगढ़ के जेरहड़ा इलाकों को निशाना बनाया। बिश्नाह के अरनिया में कठार गांव के (40) किशोरी लाल व उनकी पत्नी (35) पम्मी देवी घायल हो गयी। कोल खुर्द में मोर्टार गिरने से (समाप्त.../संजय)
गुरदेव सिंह व सीमा देवी पत्नी सतपाल घायल हो गये। अरनिया में प्रवीण कुमार, आरएसपुरा के शेख चक्क में सोहन सिंह व सुचेतगढ़ में रोमा देवी देर रात गोलाबारी में घायल हो गयी।
आरएसपुरा के जोड़ा फार्म में गुज्जरों के करीब 40 परिवार अपने मवेशियों के साथ गोलाबारी के निशाने पर रहे। मोर्टार गिरने से कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। सात मवेशियों की मौत व तीन दर्जन पशु घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सीमांत क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने की हिदायत दी है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गये।
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सैनिकोंको निशाना बनाया तो देंगे जवाब-भारत
नयी दिल्लद (एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के मिलिटरी ऑपरेशंस के प्रमुखों के बीच शुक्रवार को बातचीत हुई, जो पहले से तय नहीं थी। बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर फायरिंग की घटनाओं के बीच यह बातचीत हुई है। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि ऐसी कोई घटना, जिसमें हमारे सैनिकों को नुकसान हो, उसका उचित जवाब देने का अधिकार हमारी सेना रखती है। इस बीच यहां पाकिस्तानी उच्चायोग के सूत्रों ने बताया कि हमारे विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त को बुलाया और सीजफायर तोड़े जाने की निंदा की। इससे पहले दोनों देशों के डीजीओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिटरी ऑपरेशंस) ने २० जुलाई को अचानक बातचीत की थी। पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चप्पर, हरपाल और चरवा सेक्टरों में भारत की कार्रवाई में 6 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि २६ घायल हो गये हैं। पाकिस्तान के डीजीएमओ की पहल पर शुक्रवार को दिन में १.३० बजे बातचीत शुरू हुई और दस मिनट तक चली। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने जम्मू सेक्टर में पाकिस्तानी नागरिकों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया। जवाब में भारत के डीजीएमओ ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तानी रेंजरों ने जम्मू सेक्टर में सीजफायर तोडऩे की शुरुआत की और बीएसएफ के जवानों ने उसका उचित जवाब दिया। गौरतलब है कि इसी महीने १४ और १५ तारीख की रात को जम्मू के अरनिया सेक्टर में फायरिंग में बीएसएफ के जवान की मौत हो गई थी। बुधवार को कुपवाड़ा में पाकिस्तान की ओर से की गई स्नाइपर फायरिंग में आर्मी का एक जवान शहीद हो गया था, जबकि 3 अन्य घायल हो गये थे। भारत के डीजीएमओ ने कहा कि हमारी ओर से नागरिकों को निशाना बनाकर कोई फायरिंग नहीं की गई। बीएसएफ के जवानों ने सशस्त्र घुसपैठियों पर फायरिंग की, जो अमृतसर बॉर्डर पर पाक चौकियों के करीब से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। भारत के डीजीएमओ ने इस बात पर भी जोर दिया कि लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ का रुख पाकिस्तान के ऐक्टिव सपोर्ट से जारी रहा है, जिससे वहां की शांति और स्थिरता के साथ आंतरिक सुरक्षा हालात पर भी असर पड़ा है। हमारे सैनिकों को निशाना साध कर फायरिंग किए जाने से यह स्पष्ट है। यह सब सीमा पार से पाकिस्तानी सैनिकों के समर्थन से अंजाम दिया जा रहा है। भारत के डीजीएमओ ने दोहराया कि भारतीय सेना प्रफेशनल आर्मी है। भारतीय सेना लाइन ऑफ कंट्रोल पर शांति और स्थिरता कायम रखने के प्रयासों के प्रति गंभीर है, बशर्ते पाक भी यही करे। सूत्रों ने बताया कि इस साल लाइन ऑफ कंट्रोल पर सीजफायर तोड़े जाने की की ४७२ वारदात हुई है। २९० आतंकवादियों ने भारत के अंदर घुसपैठ की कोशिश की, जिसमें ५० को मार गिराया गया।
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कैंपपर हमला करनेवाले दो आतंकी गिरफ्तार
श्रीनगर (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के बनिहाल में सशस्त्र सीमा बल ( एसएसबी) के कैंप पर हमले में शामिल दो आतंकियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। हमले के वक्त बुधवार रात को आतंकियों से लड़ते हुए एसएसबी के एक एएसआई शहीद हो गये, जबकि 6 अन्य जवान जख्मी हुए थे। दोनों आतंकी बीएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। इनके कब्जे से जवानों से लूटी गयी दो राइफल्स और गोला-बारूद बरामद हुआ है। तीसरा साथी फरार है, ये तीनों चिनाब घाटी में आतंक फैलाना चाहते थे। एसएसपी, रामबन मोहन लाल ने बताया कि जवानों पर हमले के बाद हमने बनिहाल इलाके में 24 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान आतंकी गजनफर (21 साल) और आरिफ (22 साल) को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है। इनके कब्जे से जवानों से छीनी गयीं दो राइफल और गोला-बारूद मिला है। इनके साथ हमले में शामिल रहा आतंकी अक्यूब वाहिद फरार है, उसकी तलाश की जा रही है। तीनों अनंतनाग के डिग्री कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। गजनफर और अक्यूब की फैमिली के कुछ मेंबर्स पहले हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल रहे हैं।
रामबन जिले के बनिहाल में एसएसबी की 14वीं बटालियन के कैंप पर तीन आतंकियों ने बुधवार रात को हमला किया था। आतंकियों ने रात 8 बजे बनिहाल रेल सुरंग की पेट्रोलिंग में लगी पार्टी पर फायरिंग की थी। जवानों ने भी फायरिंग का माकूल जवाब दिया। इस दौरान एक एसएसबी के एक एएसआई शहीद हो गये थे। छह अन्य जवान जख्मी हुए हैं।