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हाई वोल्टेज ड्रामा, चिदंबरम हिरासतमें

सुप्रीम कोर्टसे राहत नहीं, लुकआउट नोटिस जारी
नयी दिल्ली (आससे.)। आईएनएक्स मीडिया हेराफेरी मामले में आज हाई वोल्टेज ड्रामाके बाद पी.चिदंबरमको सीबीआईने हिरासतमें ले लिया। उन्हें अग्रिम जमानत को लेकर अदालत से निराशा मिली है। जांच एजेंसियां जहां चिदंबरम को गिरफ्तार करने की कोशिश में सीबीआई और ईडीके लोग देर शाम चिदंबरमके आवासपर गिरफ्तारीके लिए पहुंचे, जहां मुख्य द्वार बन्द होनेपर चहारदिवारी लांघ कर अन्दर प्रवेश किया। चिदंबरमके आवासके बाहर प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं-सीबीआई अधिकारियोंसे मारपीट हुई। आज उच्चतम न्यायालय से चिदंबरम को कोई फौरी राहत नहीं मिली। तीन कोशिशों के बावजूद उनकी याचिका पर शीर्ष अदालत में सुनवाई नहीं हो पायी। याचिका में कई खामियां थीं, जिसकी वजह से जस्टिस रमन्ना ने यह कहते हुये सुनवाई से इंकार कर दिया कि जबतक मामला सूचीबद्ध नहीं हो जाता है, तबतक सुनवाई नहीं होगी। बाद में उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री ने जस्टिस रमन्ना की अदालत को बताया कि याचिका से जुड़ी खामियों को दूर कर लिया गया है। मामला कब और कहां लगेगा, अभी तय नहीं है। इस बारे में प्रधान न्यायाधीश निर्णय लेंगे। इसके बाद चिदंबरम के वकील याचिका को सूचीबद्ध करने के लिये प्रधान न्यायाधीश की अदालत में पहुंचे, लेकिन उन्होंने सुनवाई की मांग नहीं की। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। इससे पहले प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने जस्टिस रमन्ना के समक्ष मामले का उल्लेख करने की अनुमति दी। जिसके बाद चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि रजिस्ट्री ने अभी तक याचिका की खामियों को दूर करके उनके केस को सूचीबद्ध नहीं किया है। इसपर जस्टिस रमन्ना ने कहा कि रजिस्ट्रार ने बताया कि अभी आपकी याचिका की कमियां दूर नहीं हुई हैं, जिसमें हम कुछ नहीं कर सकते। सिब्बल ने कहा कि मामला कभी भी सुना जाय, मगर हमें अंतरिम राहत तो दी जा सकती है। मेरे मुवक्किल भाग नहीं रहे हैं। इस बीच चिदंबरम को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी सीबीआई ने भी अदालत में एक कैवियेट अर्जी दाखिल कर दिया है। जांच एजेंसी ने इसमें कहा है कि उसका पक्ष सुने बिना अदालत चिदंबरम की अग्रिम जमानत के संदर्भ में एकतरफा  आदेश न दें। चिदंबरम के बचाव में कपिल सिब्बल के अलावा अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद और विवेक तनखा भी अदालत में मौजूद रहे। ईडी की तरफ से पेश हुये  सालिसिटर  तुषार मेहता ने कहा कि चिदंबरम पर धन शोधन का गंभीर आरोप है।  सिब्बल ने जस्टिस रमन्ना से कहा कि हमें गिरफ्तारी का डर है, हमारी याचिका सुन लीजिये। इस पर जस्टिस रमन्ना ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कि कब और कौन सुनवाई करेगा। इस पर सिब्बल ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपील का भी समय नहीं दिया। गिरफ्तारी से फिलहाल राहत मिले। उन्होंने कहा कि चिदंबरम राज्यसभा के सदस्य हैं, उनके भागने की कोई आशंका नहीं है। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई जरूरत नहीं है।  बता दें कि चिदंबरम ने उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत को लेकर राहत नहीं मिलने के बाद आईएनएक्स मीडिया हेराफेरी मामले में बीते मंगलवार को ही उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने याचिका से दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी। बता दें कि उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिये जाने के बाद सीबीआई और ईडी के लगभग आधा दर्जन अधिकारियों ने मंगलवार देर शाम चिदंबरम को गिरफ्तार करने के लिये उनके दिल्ली स्थित घर पर डेरा डाल  रखा है। चिदंबरम भूमिगत हैं। अधिकारियों ने उनके घर की दीवार पर दो घंटे में हाजिर होने का नोटिस भी चिपका दिया है। लेकिन उनका कोई अता-पता नहीं है और उनका मोबाइल भी बंद है।