Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


नोएडामें ही रहेगा पतंजलि फूड पार्क

कैबिनेटका फैसला- भूमि हस्तांतरण सम्बन्धी प्रस्तावको मंजूरी
लखनऊ (आससे)। पतंजलि आर्युवेद के नाम पर नोएडा में दिए गए 455 एक जमीन को केंद्र की शर्तों के आधार पर मैसर्स पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा प्राइवेट लिमिटेड के नाम करने का फैसला किया गया है। इसके बाद नोएडा से पतंजलि फूड पार्क को यूपी से बाहर ले जाने की चर्चाओं पर विराम लग गया है। औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) का राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में विलय कर दिया है। कैबिनेट ने मंगलवार को औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब निगम की संपत्तियों, दायित्वव कर्मचारी व कार्यकलाप प्राधिकरण में स्थानांतरित कर दी गई है। निगम द्वारा राज्य सरकार को किए गए सभी भुगतान प्राधिकरण करेगा। कर्मचारियों की सेवा शर्तें निगम में तय सेवा शर्तों से कम अनुकूल नहीं होंगी। निगम की आस्तियों व दायित्वों का ट्रांसफर प्राधिकरण में किए जाने के लिए स्टांप शुल्क के भुगतान से छूट रहेगी। निगम की सभी सम्पत्तियों और दायित्वों के ट्रांसफर के कारण निगम कंपनी बनी रहेगी। इसके दायित्व सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई अंशपूंजी और निगम द्वारा अर्जित लाभ संचित निधि के रूप में हो जाएंगे और इसके भुगतान प्राधिकरण को निगम के खत्म होने तक ब्याज मुक्त कर्ज के रूप में किया जाएगा।यूपी में विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के बीच उनके कर्मचारियों के तबादले आसानी से हो सकेंगे। इस दायरे में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लीडा, गीडा,सीडा, यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण व यूपीसीडा हैं। यहां के कर्मचारियों के तबादले का निर्णय तो पहले कैबिनेट मंजूर कर चुकी हैं। अब इसके लिए उप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण केंद्रीयकृत सेवा नियमावली 2018 को मंजूरी दे दी गई है। अब इनके कर्मचारियों के वेतन भत्ते देने की जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरण पर रहेगी।  असल में इन प्राधिकरणों में कर्मचारी व अधिकारी वर्षों से एक ही जगह तैनात हैं। इस कारण इनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इनकी कार्यदक्षता बढ़ाने व पारदर्शिता के लिए इनका तबादला एक प्राधिकरण से दूसरे प्राधिकरण में किया जाएगा।राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 11 बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुरादाबाद में श्रेणी 4 के 2 भवनों के ध्वस्तिकरण का फैसला किया गया। बैठक की जानकारी देते हुए सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि विश्व बैंक के कोर रोड निर्माण के लिए हमीरपुर से राठ मार्ग (72 किलोमीटर) बनाने पर 3820 करो? खर्च होगा। राज्य सरकार इसमें 1100 करो? खर्च करेगी। शेष विश्व बैंक देगा। 349 किलोमीटर का कुल प्रोजेक्ट था। बैठक में झांसी में पैरा मेडिकल संस्थान के निर्माण को हरी झंडी दी गई। वैसे ये प्रस्ताव 2016 से लम्बित था। अब इसमें 3435 करोड़ खर्च होगा। पर्यटन योजना के तहत रामायण सर्किट की योजना स्वीकृत की गई है। अयोध्या में 7 करो? की लागत से बस अड्डा बनेगा। संस्कृति विभाग ने अयोध्या के लिए जमीन देने का फैसला किया है। काशी विश्व नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की ब?ती संख्या को लेकर सरकार ने फैसला किया है कि 166 मकानों को खरीदा जाएगा।  यूपी श्रीकाशी विश्वनाथ स्पेशल एरिया डेवलपमेन्ट बोर्ड का गठन किया गया है। बैठक में बा? और सिंचाई के प्रस्तावों को पास किया गया। 271 करो? इस्टीमेट पास किया गया। इससे इलाहाबाद और मिर्जापुर लाभान्वित होंगे। उद्योग मंत्री सतीश महाना ने कहा कि यूपीएससीडी सी का नाम बदल दिया गया। अब यूपीएससीडा होगा।
-----------------------------
 भाजपाके समर्थन वापसीका फैसला देश हितमें-योगी
लखनऊ(एजेंसी)। जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी के सरकार से हटने को आदित्यनाथ ने देशहित में लिया फैसला बताया है। उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य की लोकल लीडरशिप, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को विश्वास में लेने के बाद ये फैसला किया गया। आदित्यनाथ ने कहा कि ये निर्णय देश और राज्य के हित में लिया गया और आगे भी भाजपा वही फैसले करेगी जो देश के लिए फायदेमंद हों। मंगलवार दोपहर भाजपा ने पीडीपी से समर्थन वापसी का एलान किया। जम्मू-कश्मीर सरकार से भाजपा के हटने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पद से इस्तीफा   दे दिया। जम्मू कश्मीर की सीएम ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है। जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी बीते साढ़े तीन साल से साथ में सरकार में थे। राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेजने के बाद जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा के साथ उन्होंने जम्मू कश्मीर को लोगों के मुश्किल से निकालने के लिए हाथ मिलाया था क्योंकि भाजपा बड़ी ताकत है। हमारे गठबंधन का एजेंडा कश्मीर में लोगों के साथ बातचीत और पाकिस्तान के साथ अच्छा रिश्ता रहे। उन्होंने कहा कि हमने धारा 370 को बचाया और सूबे के बच्चों से काफी मुकदमें भी हटवाए। मंगलवार दोपहर को भाजपा के महासचिव राम माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कहा कि भाजपा ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया है और उसके सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। माधव ने इसके पीछे महबूबा मुफ्ती को जिम्मेदार कहा है। उन्होंने कहा कि जिस मकसद से उन्होंने पीडीपी के साथ सरकार बनाई थी, उसमें कामयाबी ना मिलने पर सरकार से समर्थन वापस ले लिया गया।