Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


पूर्वांचलके बुनकरों, हस्तशिल्पियोंके लिए खुलेगा स्वावलंबनका मार्ग-योगी

वाराणसी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा लालपुर में लगभग तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पंडित दीनदयाल हस्तशिल्प संकुल (ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर) को पूर्वांचल के हस्तशिल्पियों और बुनकरों के लिए वरदान बताया है। बड़ालालपुर स्थित स्टेडियम में आज  प्रधानमंत्री के हाथों १७ परियोजनाओं के लोकार्पण और छह के शिलान्यास के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की लगभग एक हजार करोड़ से अधिक की इन परियोजनाओं से वाराणसी सहित पूर्वांचल के विकास को नया आयाम मिलेगा वहीं इससे क्षेत्र के लाखों बुनकर और हस्तशिल्प लाभान्वित होंगे। उनके लिए स्वावलंबन का नया मार्ग खुल जायेगा। उन्होंने कहा कि देश को प्रधानमंत्री के रूप में मोदी जैसा व्यक्ति मिला है जो सकारात्मक सोच विकास की प्रक्रिया को आगे बड़ा रहा है वहीं पूरी दुनिया में देश का सिर भी गर्व से उंचा कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ज्योंहि बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अन्तरराष्टï्रीय हवाई अड्डïे पर विमान से उतरे वैसे हीं तेज बारिश शुरु हो गयी। यहां की धरती ने मानो लम्बे अरसे बाद पुत्र से मिलने की खुशी जाहिर की हो। प्रधानमंत्री के आगमन पर जो वर्षा हुई वह किसानों के लिए सोने की बारीश हुई है। प्रधानमंत्री ने अपने तीन वर्षो के कार्यकाल के दौरान देश के किसानों, बुनकरों, नवजवानौं, महिलाओं, गरीबों तथा समाज के हर वर्ग के लोगोके लिए तामम कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है जो उत्तर प्रदेश सरकार के लिए भी प्रेरणात्रोत है। कई परियोजनाएं वर्षो से लम्बित थी। पूर्व की सरकारों में यें परियोजनाएं पूरी नही हो पायी लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता संभालते ही इनमे तेजी भी आई और आज मूर्त रूप लेकर जनता के समर्पित है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और बुनकरों को नयी पहचान मिलेगी और टे्रड फेसिलिटेशन सेंटर व्यापारिक गतिविधियों का नया केन्द्र बनेंगा। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक, केन्द्रीय वस्त्र एवं सूचना प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी, वस्त्र राज्यमंत्री अजय कंता, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भाजपाके प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर महेन्द्र नाथ पाण्डेय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
---------------
जिस परियोजनाका शिलान्यास करते हैं उसका उदघाटन भी हम करते हैं-मोदी
वाराणसी। दो दिनों के दौरे के लिए वाराणसी पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने करीब एक हजार करोड़ रुपये के लागत के विकास कार्यों की घोषणा की। पीएम ने वाराणसी से वडोदरा के लिए शुरू तीसरी महामना एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना भी किया। साथ ही बुनकरों और शिल्पकारों के लिए ३०० करोड़ की लागत से बनाए गए दीनदयाल हस्तकला संकुल का भी उद्घाटन किया। पीएम इस अवसर पर भी अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर तंज कसने से नहीं चूके। मोदी ने कहा कि हम जब किसी प्रॉजेक्ट का शिलान्यास करते हैं तो उसका उद्घाटन भी करते हैं। जाहिर तौर पर पीएम मोदी पूर्ववर्ती सरकारों पर प्रॉजेक्ट में देरी को लेकर तंज कस रहे थे। पीएम मोदी ने विकास कार्यों की घोषणा के साथ कहा, आज एक ही कार्यक्रम में एक ही मंच से एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लागत के विकास कार्यों की घोषणा हुई है। मैं यूपी सरकार का आभारी हूं कि उन्होंने बनारस क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी भूमिका निभाई है। आज करीब ३०० करोड़ रुपये की लागत से टेक्स्टाइल मिनिस्ट्री द्वारा जो प्रकल्प बनाया गया है वैसा काम पिछले कई दशकों में नहीं हुआ। पीएम मोदी ने दीनदयाल हस्तकला संकुल बुनकरों और शिल्पकारों को समर्पित करते हुआ कहा कि इसके माध्यम से उन्हें अपने कौशल को दुनिया को दिखाने का मौका मिलेगा। पीएम ने कहा कि बुनकरों और शिल्पकारों को अपने पूर्वजों से दुनिया को अचंभित करने वाली चीजें बनाने का कौशल मिला है, लेकिन जंगल में मोर नाचा किसने देखा। पीएम ने कहा कि अब इस संकुल की मदद से उनकी प्रतिभा से दुनिया भी परिचित होगी। पीएम ने कहा कि उन्होंने वाराणसी और वडोदरा दोनों जगहों से चुनाव जीता लेकिन वडोदरा की सीट छोड़ दी। मोदी ने इसकी वजह बताते हुए कहा, मैंने वडोदरा को इसलिए छोड़ा क्योंकि वहां विकास करने के लिए कई साथी थे। पीएम ने महामना एक्सप्रेस को यूपी के इस पूर्वी क्षेत्र की आर्थिक तरक्की से भी जोड़ा। पीएम ने कहा कि वडोदरा से सूरत होते हुए महामना एक्सप्रेस बनारस पहुंचेगी। गुजरात से टेक्स्टाइल उद्योग बनारस आया था। वडोदरा और बनारस दो संस्कृतियों को जोड़ा जाएगा। पीएम मोदी ने देश के सामने पैदा हुईं आर्थिक चुनौतियों पर भी इशारों में अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने कहा, देश तेजी से बढ़ रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग के कल्याण वर्ग को ध्यान में रख आगे बढ़ा जा रहा है। साहसपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। दशकों से लंबित मामलों पर हिम्मत से फैसले लिए जा रहे हैं। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें पूर्वी भारत को भी बदलना है। १००० करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट यहां के आर्थिक जीवन में बदलाव लाने में कामयाब होंगे।