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आतंकके खिलाफ सेनाके साथ पूरा देश

सर्वदलीय बैठकमें संकल्प पारित,लड़ाईको निर्णायक निष्कर्षपर पहुंचानेके लिए सरकार प्रतिबद्ध
नयी दिल्ली  (आससे)। सभी राजनीतिक दलों ने एक सुर में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुये आतंकवादी हमले की निंदा की है और इसके साथ ही एक प्रस्ताव पारित करके सेना द्वारा इसके बदले में की जाने वाली कार्रवाई को एक सुर में समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया है। वहीं सरकार ने कहा है कि वह आतंकवाद के समूल सफाये के लिये प्रतिबद्ध है। आज यहां संसद भवन के संसदीय सौंध में सरकार द्वारा बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। जम्मू कश्मीर से हालात का जायजा लेने के बाद वापस लौटे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अधिकारियों ने एक प्रस्तुतिकरण के जरिये राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पुलवामा हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी।   बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मीडिया को  बताया कि हमारे सुरक्षा बलों पर पुलवामा में आतंकियों द्वारा किये गये कायराना हमले से पूरा देश आक्रोशित है। उन्होंने बताया कि बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर हमले की निंदा की गयी और सभी दलों ने आतंकवाद से लडऩे तथा देश की एकता व अखंडता की रक्षा के लिये सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता का इजहार किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि हमकिसी भी तरह के आतंकवाद तथा सीमा पार से उसे मिल रहे समर्थन की निंदा करते हैं। आतंकवाद से लड़ाई और देश की एकता तथा अखंडता की रक्षा में हम अपने सुरक्षा बलों के साथ डट कर खड़े हैं। प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि पिछले तीन दशकों से भारत सीमा पार आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हालिया दिनों में सीमा पार ताकतें आतंकवाद को प्रोत्साहित करने में सक्रिय हुयी हैं। पूरा देश एक सुर में इन चुनौतियों से निपटने के लिये प्रतिबद्धता जाहिर करता है।  तोमर ने कहा कि हम आतंकवाद के नासूर के समूल सफाये के लिये निर्णायक लड़ाई हेतु पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई के निर्णायक निष्कर्ष पर पहुंचाने के लिये सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कायरना हमले की निंदा करते हुये तोमर ने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा।  सरकार ने सुरक्षा बलों को देश के खिलाफ आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाली ताकतों से निपटने के लिये खुली छूट दे रखी है। उन्होंने कहा कि आरंभ से ही भारत सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति रही है और आतंकवादियों का यह कायराना हमला इस नीति की वजह से उनकी कुंठा को उजागर करता है। तोमर ने कहा कि भारत सरकार शहीद जवानों के परिजनों के साथ पूरी ताकत से खड़ी है और उन्हें सहायता देने में कोई कोरकसर बाकी नहीं रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि  केंद्र सरकार ने सभी संबंधित राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वह पीडि़त परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध करायें। तोमर ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध को सभी राजनीतिक  दलों द्वारा दिये गये समर्थन को विशेष रूप से रेखांकित करते हुये कहा कि कश्मीर की शांतिप्रिय जनता के साथ पूरा राष्ट्र एकजुट होकर सीमा पार आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाली ताकतों की निंदा करने के लिये एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में ऐसे तत्व हैं जो आतंकी ताकतों के साथ मिले हुये हैं और शांति व्यवस्था को भंग करने पर तुले हैं। ऐसे लोग कश्मीरी युवाओं के दुश्मन हैं और ये लोग नहीं चाहते हैं कि राज्य में शांति कायम हो। तोमर ने बताया कि बैठक के दौरान सभी दलों ने एक सुर में इस हमले की निंदा की और शहीद सैनिकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। सर्वदलीय बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, गृह सचिव राजीव गौबा, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा, नरेंद्र सिंह तोमर, जेपी यादव, के रंगराजन, नेशनल कांफ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला, चन्दू माजरा, के वेणुगोपाल, जितेंद्र रेड्डी, राम मोहन राय, नरेश गुजराल, डेरेक ओ ब्रायन, सुदीप बंधोपाध्याय, शरद पवार, आनंद शर्मा, आप सांसद संजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, उपेंद्र कुशवाहा मौजूद रहे। इसके अलावा सीआरपीएफ के एडीजी भी मौजूद रहे।