Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


विविधतामें एकता ही राज्यसभाकी ताकत-मोदी

प्रधान मंत्रीने एनसीपीकी तारीफ की
नयी दिल्ली (आससे)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा के २५०वें सत्र में बोलते हुये कहा है कि विविधता में एकता ही इसकी ताकत है। इसके साथ ही उन्होंने सदन के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया और एनसीपी तथा बीजद की इसलिये तारीफ की कि उनके सांसद कभी वेल में नहीं जाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कई महत्वपूर्ण विधेयक यहां से पारित हुये हैं जो देश को चलाने का आधार बने। उन्होंने कहा कि मेरे लिये बड़े सौभाग्य की बात है कि ऐसे कई महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल होने का मुझे मौका मिला। इसी सदन ने सामान्य परिवार के गरीबों के लिये १० प्रतिशत आरक्षण पारित किया। राज्यसभा ने तीन तलाक बिल पारित करके महिलाओं के सशक्तिकरण का काम किया। इस सदन ने पहले देश को दिशा देने का काम किया। लोकसभा ने बाद में किया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सदन के कई ऐतिहासिक क्षण देखे हैं और इतिहास बनाया भी है। इतना ही नहीं जरूरत पडऩे पर इतिहास को मोड़ा भी है। उन्होंने कहा कि स्थायित्व और विविधता इस सदन की विशेषता है। लोकसभा भंग होती है लेकिन राज्यसभा न कभी भंग होती है और न कभी होना है। उन्होंने कहा कि यहां राज्यों का प्रतिनिधित्व भी तय है, इसलिये यहां विविधता भी है।  सांसदों को २५०वें सत्र के लिये बधाई देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जो यात्रा चली है, इसमें जिन सांसदों ने योगदान दिया है वे सभी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने इसे एक वैचारिक यात्रा करार देते हुये कहा कि समय और परिस्थितियां बदलती गयीं और सदन ने बदलती हुयी परिस्थितियों को आत्मसात करते हुये अपने को ढालने का प्रयास किया। इसके लिये उन्होंने सदन के सभी सदस्यों को बधाई भी दी।  प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में एनसीपी और बीजद की तारीफ करते हुये कहा कि उनके सांसद कभी वेल में नहीं आते हैं और ऐसा नियम खुद के लिये बनाया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन का जिक्र करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि २००३ में राज्यसभा के २००वें सत्र के दौरान कहा था कि किसी को भी हमारे सकेंड हाऊस हो सेकेंडरी हाऊस बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिये।