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भाजपा-कांग्रेसमें कांटेकी टक्कर

विधानसभा चुनाव
नयी दिल्ली। राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग थमने के साथ ही पांच चुनावी राज्यों के एग्जिट पोल्स आने शुरू हो गये। लगभग सभी एजेंसियोंने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थानमें कांग्रेस और भाजपाके बीच कड़ी टक्कर दिखायी है। तेलंगानामें टीआरएसका पलड़ा भारी है। मध्यप्रदेश के लिए अब तक 8 सर्वे सामने आए हैं। पांच में कांग्रेस को बहुमत मिलता दिख रहा है। राजस्थान के 6 सर्वे में से 4 में कांग्रेस की सरकार बनने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ के 8 सर्वे में भाजपा 4 और कांग्रेस 4 पर आगे है। तेलंगाना में 4 सर्वे आए हैं, इनमें सभी में टीआरएस की सरकार बनती दिख रही है। मध्यप्रदेश-मध्यप्रदेश में 230 सीटें हैं। इसके लिए 28 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 75 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। 2013 में भाजपा ने 165 और कांग्रेस ने 58 सीटें जीती थीं। राजस्थान-राजस्थान में इस बार 200 में से 199 सीटों पर वोटिंग हुई।  यहां शुक्रवार को वोटिंग हुई। 2013 में यहां भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 21 सीटें जीती थीं। छत्तीसगढ़-छत्तीसगढ़ में  90 सीटें हैं। यहां 12 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग हुई। कुल 76.35 फीसदी मतदान हुआ। पिछली बार भाजपा ने 49 और कांग्रेस ने 39 सीटें जीती थीं। बसपा के खाते में एक ही सीट आई थी, लेकिन उसका वोट प्रतिशत 4.4त्न रहा था। बसपा और जोगी की छजकां के बीच इस बार गठबंधन है। जोगी ने 2016 में कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाई थी। तेलंगाना-राज्य में 119 सीटें हैं। यहां भी शुक्रवार को वोटिंग हुई। आंध्र से अलग होकर नए राज्य बने तेलंगाना में 2014 में पहली बार चुनाव हुआ था। तेलंगाना राष्ट्र समिति ने 63, कांग्रेस ने 21, तेदेपा ने 15, एआईएमआईएम ने 7 और भाजपा ने 5 सीटें जीती थीं। इस बार मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने छह महीने पहले ही विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी। इसी वजह से यहां जल्दी चुनाव हो रहे हैं। इस बार कांग्रेस और तेदेपा एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं।   मिजोरम -राज्य में 40 विधानसभा सीटें हैं। यहां 28 नवंबर को वोटिंग हुई थी। यहां 10 साल से कांग्रेस सत्ता में है। मुख्यमंत्री ललथनहवला तीन बार से मुख्यमंत्री हैं।
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राजस्थान-तेलंगानामें दिग्गजोंकी किस्मत ईवीएममें बंद
नयी दिल्ली(एजेंसी)। राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव शांतिपूर्व ढंग से संपन्न हो गए। ईवीएम के खराब होने और अन्य छोटी-मोटी झड़पों के अलावा दोनों राज्यों में माहौल समान्य ही रहा। दिग्गज नेताओं और तेलुगु फिल्मी जगत की हस्तियों ने सुबह ही लाइनों में लगकर वोट डाला। अभिनेता से नेता बने चिरंजीवी, तेलुगू फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता नागार्जुन और 'बाहुबलीÓ के निर्देशक एस एस राजमौली सुबह-सुबह वोट डालने वालों में शामिल रहे। तेलुगू फिल्मों के अभिनेता 'जूनियर एनटीआरÓ जो टीडीपी के संस्थापक एनटी रामाराव के पोते हैं, वह भी कतार में खड़े नजर आए। वहीं राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे, सचिन पायलट और अशोक गहलोत केंद्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी वोट डाला। राजस्थान में 200 में से 199 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ तो वहीं तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई। दोनों राज्यों में मतगणना 11 दिसंबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के साथ होगी। पांचों राज्यों में किस-किस के सिर पर ताज सजेगा, अब इस पर सभी की नजरें रहेंगी।राजस्थान इस बार राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच  कड़ा मुकाबला रहा। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी कुर्सी में बचाने की जद्दोजहद में रहीं तो वहीं कांग्रेस फिर से सत्ता में वापिसी की तैयारी में रहा। अलवर में रामगढ़ विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी के निधन के बाद यहां चुनाव स्थगित किया गया है। राजस्थान में 199 सीटों के लिए हो मतदान में चार करोड़ 74 लाख 761 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग किया।   राज्य में 2274 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस के194, भाजपा 199, बहुजन समाज पार्टी के 189, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का एक, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) 28 एवं कम्युनिस्ट पार्टी आफॅ इंडिया (भाकपा)16, उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।तेलंगाना राज्य में 1,824 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज ईवीएम में बंद हो गया। मलकानगिरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 42 प्रत्याशी मैदान में है जबकि बांसवाड क्षेत्र में सबस कम छह प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तेलंगाना चुनाव भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा होगी क्योंकि 2014 के विपरीत इस बार यह पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है। सत्तारूढ पार्टी के लिए 2019 लोकसभा चुनावों से पहले दक्षिण भारतीय राज्य में जड़ें मजबूत करने का मौका भी होगा। वर्ष 2014 में भाजपा, तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी और उसने कुल 119 में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। जीती गईं सभी पांच सीटें उप्पल, मुशीराबाद, अंबरपेट, गोशामहल और एलबी नगर हैदराबाद में आती हैं।