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मोदीने पूर्वांचलके लिए खोला खजाना

वाराणसीमें तोहफोंकी बारिश, पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल राष्टï्रको समर्पित
वाराणसी (का.प्र.)। प्रधान मंत्री और वाराणसी के सांसद नरेन्द्र मोदी ने एक बार पुन: वाराणसी से पूर्वांचल के विकास को जोड़ते हुए सरकारी खजाने का मुंह खोल दिया है। उन्होंने वाराणसी पर तोहफों की बरसात करते हुए १७ बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण किया, वहीं छह परियोजनाओं का शिलान्यास भी दिया।
लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सबसे पहले वाराणसी के बड़ा लालपुर में लगभग तीन सौ करोड़ के लागत से बनने वाले ट्रेड फेसिलिटेशन सेन्टर की आधारशिला रखी थी जो अब मूर्त रूप ले चुका है। उन्होंने आज लालपुर के स्टेडियम में आयोजित एक समारोह के दौरान यह ट्रेड फेसिलिटेशन सेन्टर आम जनता को समर्पित कर दिया। पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल के नाम से निर्मित इस व्यापार केन्द्र में बनारसी साडिय़ों सहित यहां के बने  वस्त्रों तथा हस्तशिलपियों के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने गुजरात के बड़ौदरा से वाराणसी तक चलने वाली महामना एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर उसका संचालन शुरु कराया। यह ट्रेन सप्ताह में एक बार चलेगी लेकिन इससे वाराणसी और गुजरात के बीच वस्त्रोंद्योग से जुड़े व्यापारियों को बहुत बड़ा लाभ होगा। इसी क्रम में उन्होंने लगभग ८५-८५ करोड़ की लागत से निर्मित सामने घाट रामनगर गंगापुल और वाराणसी एवं चंदौली जनपद को जोडऩे वाले बलुआ घाट गंगा सेतु का भी रिमोर्ट से उद्घाटन किया। श्री नरेन्द्र मोदी ने जो अन्य परियोजनाएं जनता को समर्पित की उसमें कज्जाकपुरा स्थित ३३/११ केवी विद्युत उपकेन्द्र और गरथौली स्थित ३३/११ केवी विद्युत उपकेन्द्र, उत्कर्ष बंैक मुख्यालय, मालवीय एथिक्स सेंटर (बीएचयू), डी सेन्ट्रलाइजड वेस्ट टू एनर्जी (पहडिय़ा एटीपी), दुर्गा थ्य केन्द्र आराजीलाइन (३० शैय्या का मैटरनिटी विंग), चोलापुर थाने में ८० लोगों की क्षमता वाले निर्मित  बैरक, सारनाथ का बुद्धा थीम पार्क, सारंगनाथ तालाब, सारनाथ का सुन्दरीकरण, गुरुधाम मंदिर, मारकण्डेय महादेव धाम (कैथी), गंगा घाट का विकास और आराजी लाइन शित राजकीय पशुधन और कृषि परिक्षेत्र  शामिल है। इसी तरह प्रधानमंत्री ने जीन परियोजनाओं का शिलान्यास किया उसमें अमृत योजना के अन्तर्गत नगर निगम के सात पार्को का सुन्दरीकरण, नगर निगम क्षेत्र अन्तर्गत गृहजल संयोजन, श्री अन्य क्षेत्र काशी विश्वनाथ मंदिर, नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत रमना एसटीपी, नगर निगम क्षेत्र अन्तर्गत गृह सीवर संयोजन, पंडित दीनदयाल उपाध्यय राजकीय चिकित्सालय, पांडेयपुर में ५० शैैय्या वाले महिला चिकित्सालय भवन का निर्माण, सरसुन्दर लाल चिकित्सालय परिसर में १०० शैय्या वाले महिला चिकित्सालय विंग का निर्माण, श्री शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय का उच्चीकरण, पंडित दीनदयाल उपाध्याय का उच्चीकरण और रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्रीय राजकीय चिकित्सालय का उच्चीकरण शामिल है। इसके अलावा उन्होंने जल एम्बुलेंस सेवा और जल शव वाहन सेवा के शुद्धीकरण का उद्घाटन किया।
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ठ्ठ    १७ बड़ी परियोजनाओंका लोकार्पण और छहका शिलान्यास
ठ्ठ    बहुप्रतीक्षित सामने घाट-रामनगर और बलुआघाट पुल जनताके लिए खुला
ठ्ठ    गरीबोंको सस्ता ऋण दिलानेके लिए उत्कर्ष बैंक मुख्यालयका उद्घाटन
ठ्ठ    प्रधान मंत्रीने बड़ौदरा-वाराणसी महामना एक्सप्रेसको दिखायी हरी झंडी

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विकास हर समस्याका समाधान-मोदी
वाराणसी (काप्र)। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा एक हजार करोड़ से अधिक के कार्यो का लोकार्पण अथवा शिलान्यास किया गया है जो बनारस के साथ-साथ पूरी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार की भी सराहना की और कहा कि पंडित दीनदयाल हस्तशिल्प संकुल और दो पुलों के लोकार्पण से जहां पूर्वी उत्तर प्रदेश का विकास होगा वहीं आस-पास के जिले वाराणसी से सिधे जुड़ेेेगे। इससे विकास का नया दवार खुलेगा और शिल्पियों के लिए स्वर्णीम अवसर प्राप्त होगा। यहां के हस्तशिल्पियों में दुनियां को अचंभित करने का सामथ्र्य है लेकिन 'जंगल में मोर नाचा किसने देखाÓ। नव निर्मित व्यापार केन्द्र में अब बुनकरों और हस्तशिल्पियों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। यहां आने वाले व्यापारी उनके उत्पादों को अपनी पसंद के अनुसार खरीदेंगे और वें उत्पाद विश्व बाजार में पहुंचेंगे। अब यहां के लोगों को दुनिया के लोगों को अपनी सामथ्र्य से परिचित करानी की जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहां कि शिल्पियों को यदि वैश्विक बाजार न मिले तो उनकी आर्थिक गतिविधि थम जाती है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों में ऐसी कला है कि वह सारी दुनिया को चकाचौंद कर सकती है। उन्होंने कहा कि तीन सौ करोड़ की लागत से बना ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर सिर्फ इमारत ही नही भारत की सामथ्र्य है। काशी के शिल्पकारों और बुनकरों का परिचित कराने वाली ऐसी चीज है जो भविष्य की प्रगति का द्वार खोलेगी। उन्होंने टैक्सी चालकों से आग्रह किया कि जब भी कोई पर्यटक काशी आये तो वे उसे ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर की सैर जरुर कराये। इसी काशी के पर्यटन तथा कला और कौशल को बढ़ावा मिलेगा। यह व्यापार केन्द्र आर्थिक गतिविधि का नया उपकेन्द्र बनेगा। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान विकास है। पहले के सरकारों को विकास से नफरत थी। उनके नेता अपनी तिजोरी भरने में विश्वास करते थे। हमारी सरकार का सपना है कि देश का विकास हो और गरीबों को उसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति यह नही चाहेगा कि उसने जो जीवन जिया वैसा जीवन भावी पीढ़ी भी जीने को मजबूर हो। वे अपने संतान को अपने पैरों पर खड़ा देखना चाहेंगे। मेरी सरकार भी यही सपना है गरीब सवलंबी बने और अपने पैरों पर खड़े हो। उन्होंने कहा कि जब मैने लोकसभा का चुनाव बनारस और बडौदरा दोनो जगह से लड़ा था तो काशी को अपनाया लेकिन बड़ौदरा से भी उतना ही लगाव है। गुजरात वस्त्रोद्योग का शुरुआती बड़ा केन्द्र रहा है जबकि काशी साडिय़ा पूरी दुनिया में मशहूर है। बड़ौदरा और वाराणसी के बीच महामना एक्सप्रेस का संचालन शुरु होने से आर्थिक गतिविधियों का बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सराहना की और कहा कि छह महीने के कार्यकाल में योगी आदित्य नाथ ने जो कमाल दिखाया है उसके लिए मैं उनका हृदय से आभारी हूं।