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राजकीय निर्माण निगमके परियोजना प्रबंधक को जमकर लगायी फटकार

मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में २१ करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ५० बेड के महिला चिकित्सालय भवन के निर्माण की प्रगति अत्यंत धीमी होने पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहां कि यह लापरवाही झम्य नहीं है। उन्होंने कार्यदाई संस्था के जिम्मेदार अफसरों की जिम्मेदारी निर्धारित कर कड़ी कार्रवाई किए जाने हेतु शासन को लिखा। मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल गुरुवार को पांडेपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन ५० बेड के महिला चिकित्सालय की प्रगति की स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे थे। मौके पर मात्र ४० फ ीसदी ही कार्य होने की जानकारी पर मौके पर मौजूद राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाते हुए धीमी प्रगति होने का कारण पूछा तो बताया गया कि कांट्रैक्टर दुग्गल एसोसिएट द्वारा मौके पर कार्य कराया जा रहा है। बार.बार निर्देश के बावजूद भी कार्य में तेजी नहीं आ पा रहा हैं। कमिश्नर ने परियोजना प्रबंधक से सवाल किया कि कार्य में लापरवाही बरते जाने पर कांट्रैक्टर के खिलाफ अब तक क्यों कार्रवाई नहीं की गई। परियोजना प्रबंधक बगली झांकने लगे और ३० सितंबर, २०१९ तक कार्य पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया। जिसे मौके पर ही कमिश्नर ने खारिज करते हुए कहा कि २७ महीने में मात्र ४० फ ीसदी कार्य पूरा हुआ है। मौके पर कार्य की अत्यंत धीमी गति हैं। ऐसे में चार माह में शेष ६० फ ीसदी कार्य कैसे पूर्ण कराया जा सकेगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर परियोजना को तत्काल पूर्ण कराए जाने के साथ ही कांट्रैक्टर के विरुद्ध भी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया। कार्यदाई संस्था द्वारा कार्य के बाबत की गई रिपोर्ट कि सीड़ी एवं रैंप जी़ ५ तक फि क्सिंग का कार्य पूर्ण तथा जी़ ४ लेबल तक प्री.फैब मैटेरियल फि क्सिंग का कार्य प्रगति पर भी निरीक्षण के दौरान आधा-अधूरा पाया गया। जिस पर कमिश्नर ने खासी नाराजगी जताते हुए फर्जी आंकड़ेबाजी न करने की चेतावनी दी। मण्डलायुक्त ने बताया कि मार्च,  २०१७ में इस ५० बेड के महिला चिकित्सालय का निर्माण कार्य शुरू हुआए जिसे नवंबर, २०१८ में पूर्ण होना था। निर्माण कार्य का दो बार समय सीमा विस्तार भी किया गया। बताया गया कि २१ करोड़ स्वीकृत धनराशि में से १६ करोड़ ९२ लाख रुपए धनराशि से अस्पताल का भवन निर्माण कराया जाना हैं। जिसके सापेक्ष १२ करोड़ की धनराशि कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को उपलब्ध कराया जा चुका है। जिसमें से अब तक नौ करोड़ की धनराशि व्यय किया जा चुका है।
कार्यमें तेजी लानेका मण्डलायुक्तने दिया निर्देश, कड़ी काररवाईके लिए शासनको पत्र
मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में २१ करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ५० बेड के महिला चिकित्सालय भवन के निर्माण की प्रगति अत्यंत धीमी होने पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहां कि यह लापरवाही झम्य नहीं है। उन्होंने कार्यदाई संस्था के जिम्मेदार अफसरों की जिम्मेदारी निर्धारित कर कड़ी कार्रवाई किए जाने हेतु शासन को लिखा। मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल गुरुवार को पांडेपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन ५० बेड के महिला चिकित्सालय की प्रगति की स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे थे। मौके पर मात्र ४० फ ीसदी ही कार्य होने की जानकारी पर मौके पर मौजूद राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाते हुए धीमी प्रगति होने का कारण पूछा तो बताया गया कि कांट्रैक्टर दुग्गल एसोसिएट द्वारा मौके पर कार्य कराया जा रहा है। बार.बार निर्देश के बावजूद भी कार्य में तेजी नहीं आ पा रहा हैं। कमिश्नर ने परियोजना प्रबंधक से सवाल किया कि कार्य में लापरवाही बरते जाने पर कांट्रैक्टर के खिलाफ अब तक क्यों कार्रवाई नहीं की गई। परियोजना प्रबंधक बगली झांकने लगे और ३० सितंबर, २०१९ तक कार्य पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया। जिसे मौके पर ही कमिश्नर ने खारिज करते हुए कहा कि २७ महीने में मात्र ४० फ ीसदी कार्य पूरा हुआ है। मौके पर कार्य की अत्यंत धीमी गति हैं। ऐसे में चार माह में शेष ६० फ ीसदी कार्य कैसे पूर्ण कराया जा सकेगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर परियोजना को तत्काल पूर्ण कराए जाने के साथ ही कांट्रैक्टर के विरुद्ध भी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया। कार्यदाई संस्था द्वारा कार्य के बाबत की गई रिपोर्ट कि सीड़ी एवं रैंप जी़ ५ तक फि क्सिंग का कार्य पूर्ण तथा जी़ ४ लेबल तक प्री.फैब मैटेरियल फि क्सिंग का कार्य प्रगति पर भी निरीक्षण के दौरान आधा-अधूरा पाया गया। जिस पर कमिश्नर ने खासी नाराजगी जताते हुए फर्जी आंकड़ेबाजी न करने की चेतावनी दी। मण्डलायुक्त ने बताया कि मार्च,  २०१७ में इस ५० बेड के महिला चिकित्सालय का निर्माण कार्य शुरू हुआए जिसे नवंबर, २०१८ में पूर्ण होना था। निर्माण कार्य का दो बार समय सीमा विस्तार भी किया गया। बताया गया कि २१ करोड़ स्वीकृत धनराशि में से १६ करोड़ ९२ लाख रुपए धनराशि से अस्पताल का भवन निर्माण कराया जाना हैं। जिसके सापेक्ष १२ करोड़ की धनराशि कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को उपलब्ध कराया जा चुका है। जिसमें से अब तक नौ करोड़ की धनराशि व्यय किया जा चुका है।
कान्वेशन सेन्टर का निर्माण कार्य २०२० तक करायें पूरा
मण्डलायुक्त श्री दीपक अग्रवाल ने नगर निगम परिसर में निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष एवं जायका के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों के प्रगति की समीक्षा के दौरान कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष के निर्माण कार्य को मार्च, २०२० तक पूरा कराए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान कन्वेंशन सेंटर के रखरखाव आदि पर भी विस्तार से चर्चा की गई। श्री दीपक अग्रवाल गुरुवार को मण्डलीय सभागार में बैठक के दौरान जायका के अंतर्गत कराए जा रहे पेयजल आपूर्तिए सीवर लाइन एवं प्रॉपर्टी आदि की कराए जा रहे ऑनलाइन जीआईएस मैपिंग कार्य को भी प्रत्येक दशा में जुलाई, २०१९ तक पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मण्डलायुक्त ने इन सभी कार्यों को प्रत्येक दशा में निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। बैठक में नगर आयुक्त सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
 रिंग रोड फेज-२ का सीमांकन करने पहुंचे प्रशासन और  ग्रामीणोंमें झड़प
सेवापुरी। हरदासपुर गांव में गुरुवार को रिग रोड फेज २ के सीमांकन के लिये पहुंची प्रशासन की टीम के साथ किसानों के झडप हुयी गांव के किसान धीरे धीरे इकठ्ठा हो गये। बिना आपत्ति के निस्तारण रिंग रोड फेज दो का सीमांकन होने पर किसान आपत्ति करने लगे। प्रशासन जब दमनात्मक कार्रवाई शुरू किया तो किसानों ने हरदासपुर में प्रशासन की कार्य वाही  का मुहतोड़ जबाब देने के लिये आगे आ गये। किसानों के विरोध के  सीमांकन का कार्य कुछ समय बाद बंद हो गया प्रशासन ने मामला को शांत करने के लिये राजेश सिंहए नारायणी सिंहए रामजी सिंह एवं सतीश को पुलिस ने जीप में बैठा लिया लेकिन किसान जीप से उतारकर  उग्र विरोध करने लगे। पुलिस द्वारा की जा रही है दमनात्मक कार्रवाई का किसानों द्वारा रिकार्डिंग कर रहे किसानों से मोबाइल भी छीन लिया। प्रशासन के सीमांकन काररवाई के दौरान झडप भी हुयी। किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना ने इस घटना की निन्दा करते कहा कि किसानों को बर्गलाकर चुनाव से पहले छह हजार रूपया सलाना खैरात देने की घोषणा कर झांसे में लेकर मोदी बनारस से सांसद हुये। बदले मेंआज अपने संसदीय क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण कानून का खुला उल्लंघन कराकर किसानों की जमीन औने पौने दाम पर हिटलरशाही तरीके से कब्जा कराने हेतु जो ताण्डव प्रशासन से करा रहे हैं। उसका मुहतोड़ जबाब किसानों को लामबन्द कर दिया जायेगा। किसानों के सरोकारों पर संघर्ष करने वाले विभिन्न किसान  संगठनों को एकजुट कर किसानों के हित में सड़क पर उतरकर दमनात्मक काररवार्ई का माकुल जबाब देने की रणनीति बनायी गयी।
सेवापुरी। हरदासपुर गांव में गुरुवार को रिग रोड फेज २ के सीमांकन के लिये पहुंची प्रशासन की टीम के साथ किसानों के झडप हुयी गांव के किसान धीरे धीरे इकठ्ठा हो गये। बिना आपत्ति के निस्तारण रिंग रोड फेज दो का सीमांकन होने पर किसान आपत्ति करने लगे। प्रशासन जब दमनात्मक कार्रवाई शुरू किया तो किसानों ने हरदासपुर में प्रशासन की कार्य वाही  का मुहतोड़ जबाब देने के लिये आगे आ गये। किसानों के विरोध के  सीमांकन का कार्य कुछ समय बाद बंद हो गया प्रशासन ने मामला को शांत करने के लिये राजेश सिंहए नारायणी सिंहए रामजी सिंह एवं सतीश को पुलिस ने जीप में बैठा लिया लेकिन किसान जीप से उतारकर  उग्र विरोध करने लगे। पुलिस द्वारा की जा रही है दमनात्मक कार्रवाई का किसानों द्वारा रिकार्डिंग कर रहे किसानों से मोबाइल भी छीन लिया। प्रशासन के सीमांकन काररवाई के दौरान झडप भी हुयी। किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना ने इस घटना की निन्दा करते कहा कि किसानों को बर्गलाकर चुनाव से पहले छह हजार रूपया सलाना खैरात देने की घोषणा कर झांसे में लेकर मोदी बनारस से सांसद हुये। बदले मेंआज अपने संसदीय क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण कानून का खुला उल्लंघन कराकर किसानों की जमीन औने पौने दाम पर हिटलरशाही तरीके से कब्जा कराने हेतु जो ताण्डव प्रशासन से करा रहे हैं। उसका मुहतोड़ जबाब किसानों को लामबन्द कर दिया जायेगा। किसानों के सरोकारों पर संघर्ष करने वाले विभिन्न किसान  संगठनों को एकजुट कर किसानों के हित में सड़क पर उतरकर दमनात्मक काररवार्ई का माकुल जबाब देने की रणनीति बनायी गयी।