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योगी सरकार में काशी को तवज्जो, रविन्द्र बने मंत्री

सूबे की योगी सरकार में करीब ढाई वर्ष बाद पहली बार मंत्रिमंडल विस्तार हुआ तो इसमें काशी को तरजीह दी गई। बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह में बनारस के तीन मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी उत्तरी से दूसरी बार विधायक बने रविन्द्र जायसवाल को स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया तो पूर्व में दक्षिणी से विधायक राज्य मंत्री डाक्टर नीलकंठ तिवारी और शिवपुर के विधायक स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री अनिल राजभर का कद भी बढ़ा दिया। नीलकंठ को स्वतंत्र प्रभार और अनिल को कैबिनेट में जगह दी गई है। इसकी जानकारी मिलते ही काशी में जश्न का माहौल हो गया और कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जुलूस निकालकर खुशी का इजहार किया और लोगों को मिठाई बांटी।
प्रदेश सरकार में डाक्टर नीलकंठ तिवारी और अनिल राजभर ने मंत्री रहते काफी कार्य किया और सरकार के साथ पार्टी के साथ तालमेल मिलाने, अधूरी योजनाओं को पूरा कराने, विधानसभा से लगायत अन्य जिलों की जिम्मेदारी निभाई। विकास कार्य तेज किये और सबसे बड़ी बात कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर विजिट में तैयारियों को देखने और उसे सफल बनाने के लिये पूरी मेहनत की। विधानसभा स्तर पर कई योजनाओं को लाने, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पर जनसुनवाई करने और समस्या का समाधान करने में भी दोनों नेताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी। गौर करने वाली बात यह रही कि बीते करीब ढाई वर्षों के कार्यकाल के दौरान दोनों मंत्री निर्विवाद रहे और कोई भी गंभीर आरोप इन पर नहीं लगा। सरकार के साथ संघठन में कार्य करने और कई नये कार्यों की शुरुआत करने से  दोनों नेताओं ने जनता में पहुंच भी बनी। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही थी कि दोनों मंत्रियों का कद बढ़ाया जायगा। यह दीगर है कि अभी विभागों का बंटवारा होना बाकी है, लेकिन पूरी संभावना है कि सभी को बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी और इसका फायदा काशी को भी मिलेगा। मंगलवार सायंकाल से ही यहां के तीनों मंत्रियों को फोन पर बधाई मिलने का सिलसिला शुरू हो गया था, लेकिन संघठन के निर्देश के कारण वह इसे टालते रहे। हालांकि शपथ ग्रहण के बाद बातचीत में सभी मंत्रियों ने जिम्मेदारी का निर्वहन करने और जनहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया। कहा कि सरकार और जनता की उम्मीदों को वह हर हाल में पूरा करेंगे। अधूरे कार्यों को पूरा करने के साथ ही वाराणसी को भी विकास की राह पर ले जायंगे। लखनऊ में शपथ ग्रहण समारोह और बनारस के तीन मंत्रियों को इसमें शामिल किये जाने पर कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था। जिला और महानगर के पदाधिकारियों के नेतृत्व में कई स्थानों पर जुलूस निकाले गये। उत्तरी विधानसभा के धूपचंडी सहित अन्य मंडलों में भी कार्यकर्ताओं ने लोगों को बधाई दी और विश्वास दिया कि अधूरे कार्यों को पूरा किया जाने के साथ विकास तेज होगा। सभी को मिठाई खिलाई गई और देर रात तक यह सिलसिला बना हुआ था। क्षेत्रीय अध्यक्ष महेशचंद्र श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, वरिष्ठï भाजपा नेता डाक्टर आलोक श्रीवास्तव, जिला महामंत्री प्रभात सिंह, शोभनाथ विश्वकर्मा, अजय कृष्ण त्रिपाठी, सिद्घनाथ शर्मा, पार्षद सुशील गुप्त, नरसिंह दास, शिवप्रकाश मौर्य, विकास चौधरी, अभय पांडेय, नरसिंह प्रसाद, राजकुमार आहूजा, इंदू भूषण गुप्त सहित अन्य लोगों ने बधाई दी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टïमी : अष्टïमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का अनुपम संयोग

२३ को स्मार्तजन और  २४ को वैष्णवजन रखेंगे व्रत
अखिल ब्रह्माण्ड के महानायक षोडश कला से युक्त भगवान् श्रीकृष्णजी की जन्मकुण्डली अपने आप में खास है। भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण के समय जन्मकुण्डली में चार प्रमुख ग्रह चन्द्रमा, मंगल, वृहस्पति व शनि उच्च राशि में। सूर्य, बुध एवं शुक्र स्वराशि में तथा राहु वृश्चिक और केतु ग्रह वृषभ राशि में विराजमान थे। धाॢमक व पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार द्वापर युग के अन्तिम चरण में भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मध्यरात्रि १२ बजे वृषभ लग्न में मथुरा में हुआ था। इस दिन बुधवार एवं रोहिणी नक्षत्र से बना जयन्ती योग था। शास्त्रों के मुताबिक भगवान् श्रीकृष्ण के अवतार को पूर्ण अवतार माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टïमी पर व्रत उपवास रखकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने पर जीवन में अनन्त पुण्यफल की प्राप्ति के साथ ही जीवन में सुख-समृद्धिï व खुशहाली बनी रहती है। ग्रह नक्षत्रों के योग से जयन्ती योग पर षोडश कलायुक्त जगत योगेश्ïवर भगवान श्रीकृष्ण धरती पर अवतरित हुए थे। भारतीय संस्कृति के सनातन धर्म में हिन्दुओं में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लोकप्रिय विशिष्ट पर्व माना गया है। ज्योतिषविद् श्री विमल जैन जी ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी का पावन पर्व २३ अगस्त, मनाया जाएगा। भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि २३ अगस्त, प्रात: ८ बजकर ०९ मिनट पर लगेगी, जो कि २४ अगस्त, प्रात: ८ बजकर ३२ मिनट तक रहेगी। तत्पश्चात् नवमी तिथि प्रारम्भ हो जाएगी, जो कि २५ अगस्त, रविवार को प्रात: ८ बजकर ११ मिनट तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र २३ अगस्त, अद्र्धरात्रि के पश्ïचातï् ३ बजकर ४७ मिनट से २४ अगस्त, अद्र्धरात्रि के पश्ïचातï् ४ बजकर १६ मिनट तक रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना का विशिष्ट काल तथा अष्टमी तिथि २३ अगस्त, शुक्रवार को मिल रही है। २३ अगस्त, शुक्रवार को अष्टïमी तिथि तथा महानिशिथकाल  का योग रात्रि ११ बजकर ३५ मिनट से रात्रि १२ बजकर २५ मिनट तक रहेगा, जो कि भगवान् श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी रहेगा। इस बार २३ अगस्त, अद्र्धरात्रिव्यापिनी अष्टïमी तिथि, २४ अगस्त, सूर्योदयकालीन उदय व्यापिनी अष्टïमी तिथि रहेगी। जिसके फलस्वरूप २३ अगस्त, स्मार्तजन एवं २४ अगस्त, वैष्णवजन व्रत, उपवास रखकर भगवान् श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
    ऐसे करें भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न—व्रतकर्ता को प्रात:काल ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नानादि के पश्चात् इष्टï देवी-देवता की आराधना करके पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके अपने दाहिने हाथ में जल, पुष्प, फल, गन्ध व कुश लेकर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पूजन एवं व्रत का संकल्प लेना चाहिए। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की पावन बेला पर रात्रि में भगवान् श्रीकृष्ण का नयनाभिराम अलौकिक, मनमोहक शृंगार करना चाहिए। भगवान् श्रीकृष्ण के बालस्वरूप को झूला झुलाया जाता है। इस दिन शुभ बेला में पूजा  के अन्तर्गत नैवेद्य के तौर पर मक्खन, दही, धनिये से बनी मेवायुक्त पंजीरी, सूखे मेवे, मिष्ठान्न व ऋतुफल आदि अॢपत किए जाते हैं। सम्पूर्ण दिन उपवास रखकर रात्रि १२ बजे भगवान् श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पश्चात् पूजा-आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है। इस दिन भगवान् श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की शृंगारिक अलौकिक झांकियाँ सजाकर रात्रि जागरण करने की भी परम्परा है। इस दिन व्रत, उपवास रखने पर जीवन के समस्त पापों का शमन होता है, साथ ही सुख-समृद्धि के साथ अनन्त पुण्यफल की प्राप्ति होती है।
डाफी में दिनदहाड़े बीएचयू की छात्रा के घर लाखों की चोरी
लंका थाना क्षेत्र के डाफी स्थित अशोकपुरम कालोनी में शनिवार को दिनदहाड़े चोरों ने बीएचयू की छात्रा के मकान में घुसकर ६०हजार नकदी समेत दो लाख रूपये मूल्य का जेवरात उठा ले गये। कालोनी वालों का कहना है कि पुलिस कभी भी क्षेत्र में गश्त नहीं करती है। चोरी की सूचना लंका थाने को दे दी है। मिली जानकारी के अनुसार कारोबारी लाल बाबू ने लंका थाना क्षेत्र के डाफी स्थित अशोकपुरम कालोनी में मकान बनवाया है। उक्त मकान पर उनकी पत्नी उर्मिला और उनकी पुत्री रहती है। पुत्री की बीएचयू से एलएलवी कर रही है। १५अगस्त रक्षाबन्धन को मां बेटी मकान में ताला बन्द करके सासाराम चली गयी थी। शनिवार को दोपहर में हौसला बुलन्द चोर मकान का ताला तोड़कर अन्दर घुस गये आलमारी में रखा ६०हजार रूपये नकद तथा दो लाख रूपये मूल्य का सोने चांदी का जेवरात उठा ले गये। पड़ोसी ने चोरी की सूचना सासाराम में उर्मिला को दी। सूचना पाकर मां बेटी मकान पर पहुंची और घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के नाम पर कागजी खानापूर्ति करके लौट गयी। नागरिकों का आरोप है कि हाइवे से सटी कालोनी है। पुलिस वाले कभी गश्त नहीं करते है बल्कि हाइवे पर वाहनों से वसूली में व्यक्त रहते है। चोरी की घटना की लिखित तहरीर लंका थाने को दी गयी है।