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श्रीरामने संभाली सत्ता, झूम उठी अयोध्या

रामनगर।  होनी बहुत प्रबल होती है। उसके आगे किसी की नहीं चलती। राम को सत्ता मिली  लेकिन बनवास काटने के बाद जिसे उनके पिता दशरथ को देखना नहीं लिखा था और इसका दोष कैकेई को लगना था सो लगा। लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं हुआ । होनी राम के पक्ष में थी और उन्हें सत्ता की बागडोर मिली।  उनके सत्ता संभालते ही पूरी अयोध्या खुशी से झूम उठी। घर-घर घी के दीए जलाए गए तथा द्वार पर मंगल कलश रखा गया। गुरु वशिष्ठ ने सूर्य के समान चमकता दिव्य सिंहासन मंगाया। जिस पर श्रीराम उन्हें प्रणाम करके पत्नी सीता सहित बैठे। तो वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु ने उनका राजतिलक किया। उसके उपरांत काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह ने भी उनका राजतिलक किया। सभी ब्राह्मणों ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। श्रीराम के राजा बनते ही तीनों लोकों में उनकी जय जयकार गूंजने लगी। माताएं प्रसन्न होकर ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देने लगी। यह देखकर देवता प्रसन्न होकर पुष्प वर्षा करने लगे। सभी खुशी और आनंद में झूमने लगे। तभी भगवान शिव प्रकट होकर राम के राजतिलक की महिमा का गुणगान करने लगे। उनके राजतिलक की महिमा और उसका गुणगान करने के बाद भगवान शिव वापस कैलाश चले गए। उसके बाद राम ने अपने मित्रों को बुलाया और उनसे कहा कि तुमने हमारी हर प्रकार से सेवा की है किस मुख से आपकी बड़ाई करूं। आप हमें अति प्रिय हो। वे सभी को वस्त्र एआभूषण आदि देकर उनकी विदाई करते हैं। सुग्रीव, जामवंत, नल-नील, अंगद सभी की विदाई करते हैं। लेकिन अंगद जाना नहीं चाहते। श्रीराम उन्हें हर प्रकार से समझा कर उनकी विदाई किए। सुग्रीव, हनुमान से कहने लगे कि कुछ दिन प्रभु की सेवा करके तब आना। निषादराज की विदाई करते हुए उन्होंने उनसे कहा कि तुम मुझे भरत के समान प्रिय हो यहां आते जाते रहना। विदाई के बाद सभी अपने घर को चले गए। उसके बाद पूरी रात श्रीराम-सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न के साथ राज सिंहासन की शोभा बढ़ाते हुए पूरी रात लीला प्रेमियों को दर्शन दिया। नगर की सड़कों पर पूरी रात लीला प्रेमी चहल कदमी करते रहे। वही विभिन्न संस्थाओं की ओर से इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। जिनका लीला प्रेमियों ने आनन्द उठाया। प्रात: काल अयोध्या रामलीला मैदान में श्रीराम राज्याभिषेक की आरती देखने के लिए अयोध्या मैदान में आस्था का समुद्र उमड़ पड़ा अनंत नारायण सिंह दुर्ग से पैदल चलकर अयोध्या मैदान राज्याभिषेक की आरती लेने पहुंचे। उसके बाद माता कौशल्या ने श्रीराम के राज्याभिषेक की आरती उतारी। तो चारों ओर श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। पल भर का नयनाभिराम दृश्य अपनी आंखों में कैद करके लीला प्रेमी घर की ओर चल पड़े। इसी के साथ सोमवार की लीला का मंगलवार को प्रात: विराम दिया गया।
रामनगर।  होनी बहुत प्रबल होती है। उसके आगे किसी की नहीं चलती। राम को सत्ता मिली  लेकिन बनवास काटने के बाद जिसे उनके पिता दशरथ को देखना नहीं लिखा था और इसका दोष कैकेई को लगना था सो लगा। लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं हुआ । होनी राम के पक्ष में थी और उन्हें सत्ता की बागडोर मिली।  उनके सत्ता संभालते ही पूरी अयोध्या खुशी से झूम उठी। घर-घर घी के दीए जलाए गए तथा द्वार पर मंगल कलश रखा गया। गुरु वशिष्ठ ने सूर्य के समान चमकता दिव्य सिंहासन मंगाया। जिस पर श्रीराम उन्हें प्रणाम करके पत्नी सीता सहित बैठे। तो वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु ने उनका राजतिलक किया। उसके उपरांत काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह ने भी उनका राजतिलक किया। सभी ब्राह्मणों ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। श्रीराम के राजा बनते ही तीनों लोकों में उनकी जय जयकार गूंजने लगी। माताएं प्रसन्न होकर ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देने लगी। यह देखकर देवता प्रसन्न होकर पुष्प वर्षा करने लगे। सभी खुशी और आनंद में झूमने लगे। तभी भगवान शिव प्रकट होकर राम के राजतिलक की महिमा का गुणगान करने लगे। उनके राजतिलक की महिमा और उसका गुणगान करने के बाद भगवान शिव वापस कैलाश चले गए। उसके बाद राम ने अपने मित्रों को बुलाया और उनसे कहा कि तुमने हमारी हर प्रकार से सेवा की है किस मुख से आपकी बड़ाई करूं। आप हमें अति प्रिय हो। वे सभी को वस्त्र एआभूषण आदि देकर उनकी विदाई करते हैं। सुग्रीव, जामवंत, नल-नील, अंगद सभी की विदाई करते हैं। लेकिन अंगद जाना नहीं चाहते। श्रीराम उन्हें हर प्रकार से समझा कर उनकी विदाई किए। सुग्रीव, हनुमान से कहने लगे कि कुछ दिन प्रभु की सेवा करके तब आना। निषादराज की विदाई करते हुए उन्होंने उनसे कहा कि तुम मुझे भरत के समान प्रिय हो यहां आते जाते रहना। विदाई के बाद सभी अपने घर को चले गए। उसके बाद पूरी रात श्रीराम-सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न के साथ राज सिंहासन की शोभा बढ़ाते हुए पूरी रात लीला प्रेमियों को दर्शन दिया। नगर की सड़कों पर पूरी रात लीला प्रेमी चहल कदमी करते रहे। वही विभिन्न संस्थाओं की ओर से इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। जिनका लीला प्रेमियों ने आनन्द उठाया। प्रात: काल अयोध्या रामलीला मैदान में श्रीराम राज्याभिषेक की आरती देखने के लिए अयोध्या मैदान में आस्था का समुद्र उमड़ पड़ा अनंत नारायण सिंह दुर्ग से पैदल चलकर अयोध्या मैदान राज्याभिषेक की आरती लेने पहुंचे। उसके बाद माता कौशल्या ने श्रीराम के राज्याभिषेक की आरती उतारी। तो चारों ओर श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। पल भर का नयनाभिराम दृश्य अपनी आंखों में कैद करके लीला प्रेमी घर की ओर चल पड़े। इसी के साथ सोमवार की लीला का मंगलवार को प्रात: विराम दिया गया।
विश्वनाथ मंदिर पहुंचे शरमन जोशी
बाबा से की फिल्म की सफल की प्रार्थना
बॉलीवुड फिल्म के डायरेक्टर धीरज कुमार की अपकमिंग फि ल्म 'काशी इन सर्च ऑफ गंगाÓ की स्टार कास्ट सोमवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन को पहुंची। फि ल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी ने हाल में ही बॉलीवुड में जन्मे विवाद  'मी-टूÓ पर हाथ जोड़ लिए और कहा कि मंदिर में इस सवाल को रहने दीजिये। यहां इसकी बात ना कीजिये। गौरतलब है कि 'काशी इन सर्च ऑफ गंगाÓ की शूटिंग पिछले साल से वाराणसी में चल रही थी। यह फिल्म आने वाली २६ अक्तूबर को देश भर के सिनेमा घरों में रिलीज हो रही है। २६ अक्तूबर को रुपहले परदे पर आ रही फि ल्म 'काशी इन सर्च आफ गंगाÓ की स्टार कास्ट और डाइरेक्टर और प्रोड्यूसर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे। इस फिल्म के मुख्य किरदार शरमन जोशी और उनकी सह कलाकार ऐश्वर्या देवन को काशी विश्वनाथ मंदिर के पास पैदल चलता देख काशीवासी ठिठके और फि र मस्ती में आगे बढ़ चले। दर्शन से पूर्व बॉलीवुड स्टार शरमन जोशी ने कहा कि हमारी आने वाली फि ल्म बहुत अच्छी फिल्म है और काशी की जनता से अपील है कि उस मूवी को देखें।
बॉलीवुड फिल्म के डायरेक्टर धीरज कुमार की अपकमिंग फि ल्म 'काशी इन सर्च ऑफ गंगाÓ की स्टार कास्ट सोमवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन को पहुंची। फि ल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी ने हाल में ही बॉलीवुड में जन्मे विवाद  'मी-टूÓ पर हाथ जोड़ लिए और कहा कि मंदिर में इस सवाल को रहने दीजिये। यहां इसकी बात ना कीजिये। गौरतलब है कि 'काशी इन सर्च ऑफ गंगाÓ की शूटिंग पिछले साल से वाराणसी में चल रही थी। यह फिल्म आने वाली २६ अक्तूबर को देश भर के सिनेमा घरों में रिलीज हो रही है। २६ अक्तूबर को रुपहले परदे पर आ रही फि ल्म 'काशी इन सर्च आफ गंगाÓ की स्टार कास्ट और डाइरेक्टर और प्रोड्यूसर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे। इस फिल्म के मुख्य किरदार शरमन जोशी और उनकी सह कलाकार ऐश्वर्या देवन को काशी विश्वनाथ मंदिर के पास पैदल चलता देख काशीवासी ठिठके और फि र मस्ती में आगे बढ़ चले। दर्शन से पूर्व बॉलीवुड स्टार शरमन जोशी ने कहा कि हमारी आने वाली फि ल्म बहुत अच्छी फिल्म है और काशी की जनता से अपील है कि उस मूवी को देखें।
जय-जयकारकेबीच श्रीराम बने राजा
श्री राम जय जयकार के जयघोषों के बीच जानकी जी के साथ राज सिंहासन पर विराजमान हुए। पुष्पवर्षां के बीच गुरु वशिष्ठ ने उन्हें राजतिलक किया व ब्राह्मणों ने भी मंत्रोच्चार के दौरान राम को तिलक लगाये तो अयोध्यावासी 'राजा रामचंद्र की जयÓ का घोष करते हुए आनन्द विभोर हो नाचने लगे। बाजे बजने लगेए छूटने लगी मताबी, हर्ष का नहीं रहा कोई पारावार, सबकी आँखें प्रभु की इस झांकी को अपने अन्दर बसा लेने के लिए जैसे बैचेन थी। यह दृश्य था श्री आदि रामलीला लाटभैरव वरूणा संगम काशी की राम राज्याभिषेक लीला का जो सोमवार को अयोध्या (विशेश्वरगंज) लीलास्थल पर हर्षोल्लास के बीच सुसम्पन्न हुई। लीला के प्रारम्भ में भगवान राम ने भाईयों व जानकी जी के साथ सविधि पूजन हवन किया। समिति के अध्यक्ष डाक्टर रामअवतार पाण्डेय ने यह हवन पूजन सम्पन्न कराया। तदोपरान्त सिंहासनारूढ़ हुए और उनका राज्याभिषेक हुआ। माता कौशल्या ने आरती उतारी तो भगवान शिव, ब्रह्मा जी सहित देवताओं ने राजाराम की स्तुति की। गुरु वशिष्ठ के अतिरिक्त लीला पात्र विभिषण, सुग्रीव, हनुमान, जामवंत, निषादराज भी अपने दल सहित मौजूद रहे। इस अवसर पर लाटभैरव समिति के अध्यक्ष डाक्टर रामअवतार पाण्डेय, उपाध्यक्ष मनोज यादव, प्रधानमंत्री एडवोकेट कन्हैया लाल यादव, संयोजक संदीप सिंह स्वर्णकारए, संरक्षक केवल कुशवाहा, बृजेन्द्र यादव सहित अनेक प्रतिष्ठित लोगों ने राजा राम को माल्यार्पण किया। रामलीला में योगदान करने वाले कार्यकर्ताओं का माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशाल भण्डारे का भी आयोजन किया गया। भण्डारे का प्रसाद बहुसंख्यक भक्तों ने ग्रहण किया।
ख्वाजापुरा रामलीला मैदानसे निकली प्रभु श्रीरामकी भव्य बारात
श्री आदर्श प्राचीन रामलीला समिति जैतपुराकी ओरसे चल रही लीलाके क्रममें सोमवारको ख्वाजापुरा मैदानसे गाजे-बाजेके साथ प्रभु श्रीरामकी बारात की भव्य शोभायात्रा निकली। बैण्ड बाजे एवं जगमग ट्यूबलाइटोंके बीच निकली शोभायात्रामें प्रभु श्रीरामके अलावा लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्र जीके स्वरूप घोड़ेपर सवार थे। बारातकी शोभायात्रा बढ़ा रहे थे। बारात ख्वाजापुरासे निकलकर बड़ीबाजार, नागकुंआ, जैतपुरा, डिगिया, औसानगंज होते हुए दारानगर पहुंची जहांपर उनकी भव्य आरती की गयी। प्रभु श्रीरामके विवाहकी रश्म स्थानीय टिंकू अरोड़ाके आवासपर सम्पन्न हुई। शोभायात्रामें समितिके अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद गुप्त 'मम्मूÓ, राजेन्द्र प्रसाद गुप्त, सुभाष पासी, संजय जायसवाल, दशरथ चौधरी, सन्नी जायसवाल, आलोक श्रीवास्तव, रविशंकर मिश्र, प्रिंस गुप्त, सुदर्शन पाण्डेय, रामखेलावन प्रजापति, सुशील प्रजापति, राजू पाण्डेय, संतोष जायसवाल आदि सैकड़ों भक्तगण शामिल रहे।
भयमुक्त होकर काम करें रेलवेके स्टेशन मास्टर
आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स असोसिएशन के वाराणसी शाखा का संरक्षा सेमिनार सोमवार को कैण्ट  रेलवे स्टेशन स्थित दावा कार्यालय में संपन्न हुआ। इसमें स्टेशन मास्टर्स की समस्याओं पर चर्चा की गयी। संरक्षा सेमिनार में मण्डल परिचालन प्रबंधक सिद्धार्थ वर्मा ने कहा कि स्टेशन मास्टरों को संरक्षा नियमों को अपनाते हुए बिना किसी डर के काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टेशन मास्टर ही पूरे स्टेशन का मालिक होता है। बाकी सारे लोग उसके सहयोगी की भूमिका में होते है। इसलिए स्टेशन मास्टरों को लीडर बनकर सादे लोगों से तालमेल बनाकर काम कराना है। सेमिनार में अपर मंडल रेल प्रबंधक और स्टेशन निदेशक आनंद मोहन ने स्टेशन मास्टरों की समस्याएं जैसे स्टाफ की कमी को पूर्ण करना, वर्दी भत्ता का समय से भुगतान न होना, रोड साइड के स्टेशनों पर पर्याप्त मात्रा में संरक्षा उपकरण का उपलब्ध न होना आदि को ध्यान से सुना। साथ ही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान मण्डल सचिव मनोज चतुर्वेदी, यूपी सिंंह, मोहम्मद तस्लीम, दिनेश कुमार सिंह, पंकज सिंह, ए.के. मौर्य, विवेकानन्द पाण्डेय, आर.के.पोद्दार, रजनीकांत, अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।
आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स असोसिएशन के वाराणसी शाखा का संरक्षा सेमिनार सोमवार को कैण्ट  रेलवे स्टेशन स्थित दावा कार्यालय में संपन्न हुआ। इसमें स्टेशन मास्टर्स की समस्याओं पर चर्चा की गयी। संरक्षा सेमिनार में मण्डल परिचालन प्रबंधक सिद्धार्थ वर्मा ने कहा कि स्टेशन मास्टरों को संरक्षा नियमों को अपनाते हुए बिना किसी डर के काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टेशन मास्टर ही पूरे स्टेशन का मालिक होता है। बाकी सारे लोग उसके सहयोगी की भूमिका में होते है। इसलिए स्टेशन मास्टरों को लीडर बनकर सादे लोगों से तालमेल बनाकर काम कराना है। सेमिनार में अपर मंडल रेल प्रबंधक और स्टेशन निदेशक आनंद मोहन ने स्टेशन मास्टरों की समस्याएं जैसे स्टाफ की कमी को पूर्ण करना, वर्दी भत्ता का समय से भुगतान न होना, रोड साइड के स्टेशनों पर पर्याप्त मात्रा में संरक्षा उपकरण का उपलब्ध न होना आदि को ध्यान से सुना। साथ ही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान मण्डल सचिव मनोज चतुर्वेदी, यूपी सिंंह, मोहम्मद तस्लीम, दिनेश कुमार सिंह, पंकज सिंह, ए.के. मौर्य, विवेकानन्द पाण्डेय, आर.के.पोद्दार, रजनीकांत, अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।
सीवर समस्यासे परेशान लक्साके लोगोंने दी थानेमें तहरीर
सीवर समस्या से परेशान लक्सा वार्ड के लोगों ने रविवार को लक्सा थाने में तहरीर देकर संबंधित विभाग के अधिकारी, ठेकेदार सहित जनप्रतिनिधि पर नयी सीवर लाइन डालने के नाम पर पैसो के बंदर-बाट का आरोप लगाया। जानकारी के अनुसार लक्सा वार्ड के लोगों ने थाने में दिये तहरीर में मकान संख्या डी ५४/३१ से डी ५४/५१ बी तक की गली में काफी समय से सीवर की समस्या बनी हुई है। इसे दूर करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारीयों ने पूर्व पार्षद के कार्यकाल में ९० मीटर नई सीवर पाइप लाइन बदलने के लिए स्वीकृति दी। लेकिन लगभग ३० मीटर ही पाइप लाइन बदली गयी और बाकी पैसो को अधिकारी एवं ठेकेदारों के बंदर-बाट का आरोप लगाया और क्षेत्रीय लोगों ने इसकी जांच कराकर दोषियों पर काररवाई की मांग की। वर्तमान पार्षद श्री लकी वर्मा ने उक्त गली के सीवर समस्या के साथ अपने वार्ड के अन्य जगहों पर लगातार हो रहे सीवर ओवर फ्लो की शिकायत जलकल अधिकारियों से की तो गत दिनो जलकल के जेई ने सीवर समस्या के निस्तारण के बजाय पार्षद पर ही एफआईआर दर्ज करा दी। अब इससे वर्तमान सरकार के कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगता है कि जनता के समस्या को निस्तारित कराने वाले जनप्रतिनिधियों पर भी मुकदमा दर्ज हो सकता है।
रोहनिया पुलिस का कारनामा
घायल पुत्र का मेडिकल कराने गये व्यक्तिका कर दिया चालान

कादीपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के विवाद में बेटे पर हुआ था जानलेवा हमला, आरोपी के विरुद्ध काररवाई करने की बजाय पुलिस ने पीडि़त के परिजनों को ही भेज दिया जेल
एक देशी कहावत है 'खेत खाये गदहा मार खाये...Ó ये रोहनिया पुलिस पर पुरी तरह चरितार्थ होती देख रही है। मामला यह रहा कि गत शनिवार को कादीपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के विवाद में कतिपय बदमाशों ने करन नामक युवक पर जानलेवा हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया था। यह मामला तब उलट गया जब पुत्र का मेडिकल कराने गये पिता को ही पुलिस ने चालान कर दिया।
आरोपी को जेल भेजने के बजाय पीडि़त के परिजनों के विरुद्ध काररवाई पुलिस की करतूत समकक्ष से परे है। पुलिस की कार्यप्रणाली से पीडि़त परिजनों में रोष व्याप्त है। इस संबंध में रोहनिया थाना प्र्रभारी के मोबाइल पर सम्पर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन उनका मोबाइल नहीं उठा। वही एसपी (ग्रामीण) अमित कुमार ने कहा कि ऐसे मामले हमारे संज्ञान में नहीं है फिलहाल मामले की जांच पड़ताल करवाई जायेगी। वैसे भी पीडि़त परिवार शुरू से ही आरोप लगाते रहे कि बदमाशों की पैरवी सत्तापक्ष के कतिपय नेता कर रहे थे और दबाव बनाकर सुलह कराना चाह रहे थे।
पुलिस की हालिया काररवाई इसी ओर संकेत कर रही है। ज्ञातव्य है कि गत शनिवार को कादीपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के विवाद के बाद करन अपने दो साथियों के साथ बाइक से घर वापस लौट रहा था रास्ते में घात लगाये कतिपय बदमाशों ने उसे रोक लाठी-राड से हमला कर घायल कर दिया था। घायल करन को आठ टाके लगे थे।