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भीषण गर्मी और ऊमससे अभी राहतके आसार नहीं

भीषण गर्मी और ऊमस से अभी कम से कम पांच दिनो तक नहीं है। सोमवार को अधिकतम तापमान ४३ डिग्री सेल्सियस से अधिक और न्यूनतम तापमान ३१ डिग्री सेल्सियस वहीं मंगलवार को भी यह स्थिति बरकरार रही। मोैसम पूर्वानुमान वैज्ञानिकों की माने तो अभी जनपद में मानसून के सक्रिय होने में विलम्ब है। आमतौर पर १४ जून से २२ जून के बीच बारिश हो जाय तो उसे मानसून की सही समय से सक्रियता कही जाती है लेकिन इस बार २५जून के बाद ही मानसून के सक्रिय होने की संभावना व्यक्त की गयी है। वैसे अरब की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र बनने बाद भी बारिश होती है। अरब की खाड़ी मानसून सक्रिय होने पर मुम्बई महाराष्टï्र, राजस्थान, गुजरात अन्य राज्यों में बारिश होती है जबकि बंगाल की खाड़ी से चले मानसून से पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, पूवोत्तर के राज्यों बिहार, झारखण्ड, और उत्तर प्रदेश में वर्षा होती है।  प्रमुख मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक प्रोफेसर बीआरडी गुप्त के अनुसार पश्चिम बंगाल में मानसूम सक्रिय हुआ था लेकिन वह असम में जाकर रूक गया। जबतक बंगाल की खाड़ी में कम दवाब वाला क्षेत्र नहीं बनेगा तथा पूरबा हवा नहीं चलेगी तब तक बारिश की आसार नहीं । इस समय पछुआ हवा चलने से भीषण गर्मी के साथ ऊसम बड़ी है और तापमान में भी बढ़ोत्तरी हुई हेै। यह स्थिति अभी अगले पांच छह दिनो तक बनी रहने की संभावना है कि जून माह का औसत अधिकतम तापमान ३९ डिग्री सेल्यियस रहा है इस बार कुछ अधिक तापमान के कारण ज्यादा ह ी गर्मी पड़ रही है। सोमवार और मंगलवार को दिन में झुलसा देने वाली गर्मी से लोग परेशान रहे तो रात में भारी ऊमस ने लोगो को बेेहाल कर दिया। इस गर्मी में कूलर और पंखे भी बेकार साबित हो रहे है।
तापमान बना रहेगा ४० के पार, जनपदमें मानसून के भी देरीसे सक्रिय होने की संभावना
भीषण गर्मी और ऊमस से अभी कम से कम पांच दिनो तक नहीं है। सोमवार को अधिकतम तापमान ४३ डिग्री सेल्सियस से अधिक और न्यूनतम तापमान ३१ डिग्री सेल्सियस वहीं मंगलवार को भी यह स्थिति बरकरार रही। मोैसम पूर्वानुमान वैज्ञानिकों की माने तो अभी जनपद में मानसून के सक्रिय होने में विलम्ब है। आमतौर पर १४ जून से २२ जून के बीच बारिश हो जाय तो उसे मानसून की सही समय से सक्रियता कही जाती है लेकिन इस बार २५जून के बाद ही मानसून के सक्रिय होने की संभावना व्यक्त की गयी है। वैसे अरब की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र बनने बाद भी बारिश होती है। अरब की खाड़ी मानसून सक्रिय होने पर मुम्बई महाराष्टï्र, राजस्थान, गुजरात अन्य राज्यों में बारिश होती है जबकि बंगाल की खाड़ी से चले मानसून से पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, पूवोत्तर के राज्यों बिहार, झारखण्ड, और उत्तर प्रदेश में वर्षा होती है।  प्रमुख मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक प्रोफेसर बीआरडी गुप्त के अनुसार पश्चिम बंगाल में मानसूम सक्रिय हुआ था लेकिन वह असम में जाकर रूक गया। जबतक बंगाल की खाड़ी में कम दवाब वाला क्षेत्र नहीं बनेगा तथा पूरबा हवा नहीं चलेगी तब तक बारिश की आसार नहीं । इस समय पछुआ हवा चलने से भीषण गर्मी के साथ ऊसम बड़ी है और तापमान में भी बढ़ोत्तरी हुई हेै। यह स्थिति अभी अगले पांच छह दिनो तक बनी रहने की संभावना है कि जून माह का औसत अधिकतम तापमान ३९ डिग्री सेल्यियस रहा है इस बार कुछ अधिक तापमान के कारण ज्यादा ह ी गर्मी पड़ रही है। सोमवार और मंगलवार को दिन में झुलसा देने वाली गर्मी से लोग परेशान रहे तो रात में भारी ऊमस ने लोगो को बेेहाल कर दिया। इस गर्मी में कूलर और पंखे भी बेकार साबित हो रहे है।
आईएमएस बीएचयू को मिलेगी एम्स जैसी सुविधा, एमओयू पर हुआ हस्ताक्षर
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान को एम्स जैसी सुविधा देने की लम्बे अर्से से चली आ रही मांग अब जल्दी ही पूरी होने वाली है। इस बाबत मंगलवार को नीति आयोग, नई दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में बीएचयू, स्वास्थ्य मंत्रालय, दिल्ली एम्स और एमएचआरडी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो गया। इस एमओयू पर बीएचयू की ओर से आईएमएस के निदेशक प्रोफेसर वीके शुक्ल ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर वाइस चांसलर प्रोफेसर राकेश भटनागर और विश्वविद्यालय के कई अधिकारी सहित अन्य मंत्रालयों के प्रतिनिधि मौजूद थे। वही एमओयू साइन होने की सूचना मिलते ही बीएचयू परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य सोशल मीडिया पर एक दूसरे को बधाई देने लगे। जल्दी ही एम्स दिल्ली, एमएचआरडी तथा नीति आयोग की टीम बीएचयू का निरीक्षण करने आएगी। टीम बीएचयू आईएमएस में उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाएँ और मूलभूत संसाधन का आंकड़ा तैयार कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसी के अनुसार बीएचयू अपना डीपीआर बना कर स्वास्थ्य मंत्रालय, एमएचआरडी को भेजेगा। १५ अगस्त तक इसे पूरी तरह अमलीजामा पहनने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, एम्स तथा नीति आयोग को मिलाकर हाई पावर कमेटी गठित कर दी गई है। बीएचयू आईएमएस के नाम में कोई परिवर्तन किये बिना संस्थान को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के समान शिक्षा और स्वास्थ्य की सभी सुविधाएँ उपलब्ध करायी जायेगी। इसका पूरा नियंत्रण वाइस चांसलर के ही हाथों में होगा मगर स्वास्थ्य मंत्रालय समय.समय पर इसका निरीक्षण कर सकता है। बीएचयू को एम्स का दर्जा हासिल करने के लिए विगत दो माह में वाइस चांसलर प्रोफेसर राकेश भटनागर के नेतृत्व में आईएमएस के निदेशक, सरसुंदर लाल चिकित्साय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का अथक प्रयास जारी था। आईएमएस बीएचयू को एम्स जैसी सुविधा के लिए जून माह के महज १६ दिनों में ही चार बार पीएमओं, नीति आयोग तथा स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन ने बैठक की। गत दो जून को वाइस चांसलर प्रोफेसर राकेश भटनागर ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) दिल्ली में चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) को एम्स का दर्जा देने के लिए मसौदा पेश किया था। उन्होंने आईएमएस को बीएचयू का अभिन्न अंग रहते हुए एम्स सरीखी सुविधा देने की अपनी बात रखी थी। बताया कि आईएमएस और सर सुन्दरलाल चिकित्सालय सीमित संसाधनों के बावजूद पूर्वांचल की लगभग २० करोड़ जनता के साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा बिहार के अलावा नेपाल के मरीजों की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराता है। उन्होंने बताया कि कैंपस में एम्स के लिए जरुरी लगभग हर संसाधन मौजूद है। अगर इसमें मामूली बदलाव कर दिया जाए तो कम कीमत में बेहतर चिकित्सा का लाभ दिया जा सकता है। इसके बाद पांच जून, आठ तथा १३ जून को भी नीति आयोग के समक्ष बैठक हुई। चिकित्सा विज्ञान संस्थान को एम्स जैसी सुविधा प्रदान करने संबंधी नीति बनाने पर चर्चा हुई। इसमें एम्स के लिए सैद्धांतिक सहमति बनी। इसी क्रम में १९ जून को पीएमओ कार्यालय तथा नीति आयोग के समक्ष आईएमएस को एम्स की सुविधा प्रदान करने के लिए बनाये गए ब्लूप्रिंट को पेश किया गया। गौरतलब है कि बीएचयू अस्पताल को एम्स का दर्जा दिलाने को लेकर कई साल से मांग चल रही है। इसी मांग को लेकर चार साल पुर्व बीएचयू के ह्रदय रोग विभाग के डाक्टर ओमशंकर धरने पर भी बैठे। उनके नेतृत्व में कई बार लोगों ने जुलूस भी निकाला। वर्तमान में बीएचयू का सर सुंदरलाल अस्पताल, आयुर्वेद विंगए दंत चिकित्सालय, ट्रामा सेंटर को यूजीसी से प्रति बेड दो लाख रुपये का फंड मिलता है। इससे अधिक फंड के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ही मुहैया करा सकता है। ओएमयू पर सहमति बनने के बाद अब सारी फंडिंग स्वास्थ्य मंत्रालय करेगा।
सिकंदराबाद-पटनाके पेन्ट्रीकारमें मिली घटिया खाद्य सामग्री
कैण्ट रेलवे स्टेशनपर सिकन्दराबदसेपटना जा ररही सिकन्दराबाद-पटना एक्सप्रेस ट्रेनमें मंगलवारको स्टेशन निदेशकने पेन्ट्रीकारमेंं छापा मारा। छापेमें उन्हें खाद्य सामग्री काफी खराब मिली। जानकारीकके अनुसार सिकन्दराबाद-पटना ट्रेन आकर प्लेटफार्म नम्बर एकपर खड़ी हुई तभी यात्रीकी शिकायत पर स्टेशन निदेशक ने अपनी टीमके साथ पेन्ट्रीकार पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी। जांचके दौरान दूसरी कम्पनीका पानी मिला जिसको पेन्ट्रीकारके कर्मचारी बीस रुपयेमें बेच रहे थे। इस दौरान टीमने पेन्ट्रीकारमें मौजूद खाद्य सामग्रीकी भी जांच की जो खराब मिली। साथ ही पेन्ट्रीकारके अन्दर रेट लिस्ट भी नहीं लगी हुई थी। इसी क्रममेंं स्टेशन निदेशक प्लेटफार्म नम्बर-एक पर सफाई व्यवस्थाका भी निरीक्षण किया। गन्दगी मिलनेपर कार्यरत एजेंसीको १५ हजारका जुर्माना लगाया। पेन्ट्रीकार संचालकके ऊपर बीस हजार जुर्माना लगानेके लिए पूरी रिपोर्ट बनाकर मंडल कार्यालयको भेजा। ििजससे पेन्ट्रीकार संचालकपर जुर्माना लगाया जा सके।