Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


भारी गिरावटके साथ बंद हुआ शेयर बाजार

नयी दिल्ली। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स ४४७ अंक की गिरावट के साथ ३१९२२ के स्तर पर और निफ्टी १५९ अंक की गिरावट के साथ ९९६२ के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। सेंसेक्स ३२००० का और निफ्टी १०००० का मनौवैज्ञानिक स्तर तोड़ बंद हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप २.८६ फीसद और स्मॉलकैप ३.१४ फीसद की कमजोरी के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा मुनाफावसूली रियल्टी (४.३५ फीसद) और मेटल (४.०४ फीसद) शेयर्स में देखने को मिली है। बैंक (१.४७ फीसद), ऑटो (१.१३ फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (१.५० फीसद), एफएमसीजी (१.०६ फीसद), आईटी (०.२० फीसद) और फार्मा (१.७१ फीसद) की गिरावट दर्ज की गई है।
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से ४ हरे निशान में और ४७ गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी एचसी एलटेक, विप्रो और इंफ्राटेल के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट हिंडाल्को, टाटा स्टील, येस बैंक, अल्ट्रा सीमेंट और वेदांता लिमिटेड के शेयर्स में हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के चलते भारतीय बाजार की भी गिरावट के साथ शुरुआत हुई है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स १९० अंक की कमजोरी के साथ ३२१७९ के स्तर पर और निफ्टी ७० अंक की कमजोरी के साथ १००५१ के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में ०.६८ फीसद और स्मॉलकैप में ०.८२ फीसद की गिरावट देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के चलते तमाम एशियाई बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान का निक्केई ०.३५ फीसद की कमजोरी के साथ २०२७७ के स्तर पर, चीन का शांघाई ०.४८ फीसद की कमजोरी के साथ ३३४१ के स्तर पर, हैंगसैंग ०.८४ फीसद की कमजोरी के साथ २७८७२ के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी ०.७१ फीसद की कमजोरी के साथ २३८९ के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बीते गुरुवार के सत्र में अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस ०.२४ फीसद की कमजोरी के साथ २२३६९ के स्तर पर, एसएंडपी५०० ०.३० फीसद की कमजोरी के साथ २५०० के स्तर पर और नैस्डैक ०.५२ फीसद की कमजोरी के साथ ६४२२ के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और फार्मा को छोड़ सभी सूचकांक ला निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली मेटल (१.६० फीसद) शेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं, बैंक (०.९९ फीसद), ऑटो (०.२९ फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (०.९० फीसद), एफएमसीजी (०.७३ फीसद) और रियल्टी (०.८४ फीसद) की गिरावट देखने को मिल रही है। दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 8 हरे निशान में और ४३ गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी डॉ रेड्डी, इंफ्राटेल, सनफार्मा, ल्यूपिन और सिप्ला के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट हिंडाल्को, इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस, येस बैंक, वेदांता लिमिटेड और आइसीआइसीआइ बैंक के शेयर्स में है।

रुपया हुआ कमजोर
शुक्रवार को भारतीय रुपया डॉलर की तुलना गिरावट के साथ खुला है। रुपया डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 65.11 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। रुपये का यह स्तर 5 अप्रैल के बाद से सबसे निचला स्तर है। बीते सत्र गुरुवार को रुपया 54 पैसे गिरकर 64.81 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ था।
सेबीने २४४ इकाइयोंसे प्रतिबंध हटाया

नयी दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कर चोरी के लिए कथित रूप से शेयर बाजार प्लेटफार्म का दुरुपयोग करने के मामले में २४४ इकाइयों से प्रतिबंध हटा दिया है। नियामक ने कहा कि उसे इन इकाइयों के खिलाफ किसी तरह का प्रतिकूल प्रमाण नहीं मिला है। इससे पहले इसी महीने सेबी ने चार अलग मामलों में ५०० इकाइयों से प्रतिबंध हटाया था। ये मामले हैं....रेडफोर्ड ग्लोबल, पाइन एनिमेशन, फस्र्ट फाइनेंशियल के अलावा इको फ्रेडली फूड प्रोसेसिंग पार्क, एस्टीम बायो आर्गेनिक फूड प्रोसेसिंग, चैनल नाइन एंटरटेनमेंट तथा एचपीसी बायोसाइंसेज के शेयरों में कारोबार से संबंधित मामले।  ये इकाइयां भी कर चोरी तथा मनी लांड्रिंग गतिविधियों के लिए कथित रूप से शेयर बाजार प्लेटफार्म के दुरुपयोग को सेबी की जांच के दायरे में थीं। मौजूदा मामले में सेबी ने मार्च, २०१६ में २४६ इकाइयों पर अगले आदेश तक बाजार में कारोबार की रोक लगाई थी। नियामक ने कैलाश आटो फाइनेंस के शेयरों में जनवरी, २०१३ से दिसंबर, २०१५ तक असामान्य उतार चढ़ाव के लिए अपनी शुरूआती जांच के बाद यह प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद जून, २०१६ से जुलाई, २०१७ के दौरान इन इकाइयों के खिलाफ पांच पुष्ट आदेश पारित किए गए। नियामक ने प्रथम दृष्टया पाया कि कैलाश आटो ग्रुप से संबंधित विभिन्न इकाइयों ने सेबी के धोखाधड़ी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध नियमों का उल्लंधन किया। अंतरिम आदेश के बाद सेबी ने इस मामले की विस्तृत जांच की। जांच पूरी होने के बाद नियामक ने कहा कि उसे इन इकाइयों के संदर्भ में किसी तरह का प्रतिकूल प्रमाण नहीं मिला। इसी के मद्देनजर सेबी ने २४४ इकाइयों से प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया है।