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भारत-अमेरिका मिलकर करेंगे आतंकवादका मुकाबला-रिजिजू

नई दिल्ली (हि.स.)। भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने अमेरिकी दूतावास के अन्य अधिको साथ सोमवार को नई दिल्ली में गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खतरे का साझा मुकाबला करने का संकल्प व्यक्त किया।
केंद्र सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि जस्टर और रिजिजू ने विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्रों तथा विश्व शांति के लिए आतंकवाद के खतरों का मुकाबला करने में भारत और अमेरिका का संकल्प व्यक्त किया। इस संबंध में केनेथ जस्टर ने भारत और अमेरिका के बीच होमलैंड सुरक्षा संवाद को आगे बढ़ाने में अपने देश की दिलचस्पी व्यक्त की। जस्टर और रिजिजू ने बैठक के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा की।
रीजनल टिश्यू ट्रांसप्लांटके लिए गाइड लाइनकी मंजूरी - नड्ड

पटना। केन्द्रीय स्वासथ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डïा ने कहा कि देहदान और अंगदान 'मास मूवमेंटÓ बनता जा रहा है तथा काफी लोग इससे जुड़ रहे है। हमारी सरकार रीजनल टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन को आगे बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है। इसके लिए गाइड लाइन एप्रव कर दिया गया है तथा इसे व्यवहार में लाने की प्रक्रिया जारी है। श्री नड्डïा स्थानीय रविन्द्र भवन में दधिचि देहदान समिति द्वारा विश्व अंगदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्हेांने कहा कि देहदान की दृष्टिï से दम जो संकल्प लेते है वह पारिवारिक मुद्दों को लेकर विफल हो जाते है। ब्रेम डेड के बाद अंगदान में हमें विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसे सरल बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। हमलोगों ने इसके लिए काउंसलर लगाया है। श्री नड्डïा ने कहा कि यह काम भावना से जुड़ा है तथा किसी को नया जीवन देता है। अत: इस पुण्य काम में सभी को सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हमारे देश की परम्परा दान की परम्परा रही है। जिन दधीचि के नाम पर इस संस्था का नाम रखा गया वे सबसे बड़े देह दानी थे। सृष्टिï में अगर कोई पहला व्यक्ति दान करने वाला है, तो वह भगवान विष्णु है, जिन्हेांने भगवान शिव को अपना नेत्रदान किया था।
उन्होंने कहा कि बिहार में प्रति वर्ष साढ़े पांच हजार लोग दुर्घटना में मर जाते है। अगर इनलोगों को देहदान का संकल्प पहले से रहता तो हजारों लोगों की जान बचायी जा सकती थी। नानाजी देशमुख ने अपने पूरे शरीर को मेडिकल छात्रों की पढ़ाई के लिए दान कर दिया था। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व विधान पार्षद तथा देहदान समिति दिल्ली के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार ने कहा कि कुछ लोग समझते हैं कि देहदान करने से मोक्ष में कोई बाधा नहीं आती है। देश के सभी प्रमुख संतों के पास जाकर इस विषय में पूछा गया। उनका जबाब था कि यदि जीवन भर के पुण्य में कोई कमी रह गयी हो तो वह देहदान करने पर पूरी हो जायेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में दो सौ लोगों ने देहदान किया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्वनि चौबे ने कहा कि देहदान में स्वैच्छिक संस्थाओं की अहम भूमिका है। देश में प्रति वर्ष दो लाख लोगों की किड्नी फेल होती है। १८०० से २००० लोगों का लीवर फेल होता है। यह खुशी की बात है कि आज बिहार में अंगदान करने की दिशा में काम हो रहा है।
समारोह को मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्याम रजक  तथा अन्य गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। सभा का संचालन दधिचि देहदान समिति के महासचिव विमल जालान कर रहे थे।  इस अवसर पर अनेक मंत्री चिकित्सक तथा अन्य गणमान्य लोगों ने काफी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शामिल हजारों लोगों ने अपने देहदान का संकल्प लिया।