Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


विनोद रायने किया बोर्डका नुकसान

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के पूर्व अध्यक्ष विनोद राय को लेकर तल्ख टिप्पणी की है और कहा है कि पूर्व सीएजी के कारण बोर्ड को काफी नुकसान उठाना पड़ा। राय द्वारा हाल ही में दिये गये साक्षात्कार के बाद चौधरी ने लंबे समय की अपनी चुप्पी तोडऩे का फैसला किया और राय को घेरा। राय से एक साक्षात्कार में जब पूछा गया कि बीसीसीआई को वह पैसा मिला जो आईसीसी ने २०१४ रेवेन्यू माडल के तहत उसे देने का वादा किया था? राय ने इसपर कहा कि उन्होंने यही सवाल कोषाध्यक्ष से पूछा था। चौधरी ने इस पर कहा कि राय के इस बयान पर उन्हें हंसी आई थी, क्योंकि यह बताता है कि राय को क्रिकेट प्रशासन के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं थी। चौधरी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह बात कहां से आई। उन्होंने कहा राय का पूरा साक्षात्कार गलत तथ्यों और झूठी बातों पर आधारित था, जिस पर हंसी आ रही थी। राय ने जो बात साक्षात्कार में कही वह मेरी समझ से परे है। मैं इसके कारण भी नहीं सोच पा रहा हूं। विनोद राय की प्रतिक्रिया ने बता दिया है कि उन्हें इस बात की कितनी समझ थी। अनिरुद्ध ने कहा कि पूर्व सीओए अध्यक्ष का बीसीसीआई के रेवेन्यू माडल को गलत तरीके से पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है और उन्होंने पूर्व सीएजी से इस तरह की उम्मीद नहीं की थी। चौधरी ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस शख्स ने तीन साल तक बीसीसीआई का प्रशासन संभाला हो उसे इस मामूली-सी बात की जानकारी नहीं है। चौधरी ने कहा कि राय ने इस बात को सुनिश्चित किया था कि दोनों का ज्यादा से ज्यादा समय तक कोई संपर्क न हो। चौधरी ने कहा कि राय आईसीसी से ताल्लुक रखने वाले मुद्दों पर असमंजस में रहते थे। उन्होंने कहा राय आईसीसी को लेकर खुद में ही उलझे रहते थे क्योंकि एक तरफ वह बीसीसीआई के गर्वनेंस पैकेज और फाइनेंसियल पैकेज से अछूते रहने पर दूसरों पर दोष मड़ते थे तो वहीं दूसरी तरफ वह आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर की तारीफें किया करते थे और कहते थे उन दोनों के संबंध मधुर हैं। क्या यह संबंध इस बात का कारण नहीं थे जिनकी वजह से आईसीसी को बीसीसीआई को बुरी तरह से ट्रीट करने की इजाजत दी क्योंकि वह जानते थे कि बीसीसीआई की तरफ से पलट कर कार्रवाई नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा यह सभी जानते हैं कि आईसीसी में गिरती साख का कारण मनोहर थे और राय का यह बयान गंभीर विवाद पैदा करता है कि उन्हें शाशंक के प्लान की जानकारी थी। उन्होंने कहा सीओए द्वारा जारी किए गए आदेश के कारण मैं चुप रहा और यह बताता है कि मेरी आवाज को दबाने के लिए वह किस हद तक गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मैंने पूरी तरह से माना।
टेस्टमें दिलचस्पी बढ़ानेके लिए कायाकल्पकी जरुरत

कोलकाता (एजेन्सियां)। भारत में पहले दिन-रात्रि टेस्ट के आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने कहा कि खेल के पारंपरिक प्रारूप में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए 'कायाकल्प की आवश्यकता हैÓ। भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट शृंखला खेली थी जहां मैदान में दर्शकों की काफी कमी रही लेकिन शुक्रवार से शुरू होने वाले दिन-रात्रि टेस्ट के पहले तीन दिनों के टिकट बिक चुके हैं। पिछले महीने बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद भारत में पहले दिन-रात्रि टेस्ट मैच का बीड़ा उठाने वाले गांगुली ने कहा आगे बढऩे का यही तरीका है, टेस्ट क्रिकेट को कायाकल्प की जरूरत है। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा यह दुनियाभर में हो रहा है। कहीं से इसे शुरू करना ही था। भारत क्रिकेट के मामले में सबसे बड़ा देश है। मुझे लगता है कि यह बदलाव जरूरी है। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष के रूप में गांगुली ने भारत-पाकिस्तान टी-२० अंतरराष्ट्रीय मैच के २०१६ में धर्मशाला से स्थानांतरित होने के बाद कम समय में सफलतापूर्वक आयोजन किया था। उन्होंने हालांकि कहा कि दिन-रात्रि टेस्ट का आयोजन अधिक चुनौतीपूर्ण है। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा हमारे पास दर्शकों को मैदान में लाने की चुनौती है। दुनिया के किसी भी कोने में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले मैच का स्टेडियम खचाखच भर जायेगा। आप जैसे ही घोषणा करेंगे दर्शक पहुंच जायेंगे। उन्होंने कहा यह (दिन रात्रि टेस्ट) अधिक चुनौतीपूर्ण है। मैं इस बात को लेकर संतुष्ट हूं की पहले तीन दिन के ६५००० टिकट बिक गये हैं। गांगुली ने ईडन गार्डन में आधिकारिक गुलाबी गेंद टेस्ट मैच के शुभंकर पिंकू-टिंकू का अनावरण करते हुए कहा कोहली एक महान खिलाड़ी है और उसे दर्शकों से भरे स्टेडियम में खेलना चाहिए। जब वह पहले दिन बल्लेबाजी करने के लिए बाहर निकलेगा तो दर्शकों की भीड़ देखकर खुश होगा। आप ईडन के माहौल को पसंद करेंगे इसलिए यहां आकर देखें।