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फिक्सिंगकी जदमें भारत

भारत-इंगलैण्डके बीच लाड्र्समें खेला गया मैच भी था फिक्स
आईसीसीने मांगा सबूत     एक चैनलने किया खुलासा
दोहा (एजेन्सियां)। समाचार चैनल अल जजीरा ने १५ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में दो दर्जन से भी अधिक कथित फिक्सिंग के आरोप लगाकर एक बार फिर क्रिकेट में व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर सनसनी फैला दी है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने चैनल से सबूतों की मांग की है। इस रिपोर्ट में २०११ में खेला गया भारत-इंगलैण्ड का एक टेस्ट मैच भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार तो कुछ मैचों में दोनों टीमों के खिलाडिय़ों पर ही फिक्सिंग के आरोप लगाये गये हैं। चैनल का दावा है कि उसके पास कई चर्चित भारतीय सट्टेबाजों के फोन की रिकार्डिंग मौजूद है जिन्हें इस बात का अंदाज नहीं था कि उनकी बातें रिकार्ड हो रही हैं। जिन मैचों में फिक्सिंग के आरोप लगे हैं उनमें लाड्र्स क्रिकेट ग्राउंड पर भारत बनाम इंगलैण्ड, केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका बनाम आस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात में इंगलैण्ड और पाकिस्तान के बीच कई मैच शामिल हैं। कई मैचों में तो एक से अधिक बार फिक्सिंग की गयी है जबकि कुल १५ मैचों में २६ बार फिक्सिंग हुई है। चैनल ने क्रिकेट के मैच फिक्सर द मुनवर फाइल्सके नाम से एक डाक्यूमेंट्री रिलीज की है। डाक्यूमेंट्री में आईसीसी के रडार पर चल रहे कथित मैच फिक्सर अनिल मुनवर के हवाले से कहा गया कि साल २०११-१२ के बीच विश्वकप के तीन टी-२० मैच, तीन एकदिनी और छह टेस्ट मैचों में करीब २६ बार स्पाट फिक्सिंग हुई थी। दावा किया गया कि सात मैचों में इंगलैण्ड के खिलाडिय़ों द्वारा, पांच मैचों में आस्ट्रेलिया के खिलाडिय़ों द्वारा, तीन मैचों में पाकिस्तान के खिलाडिय़ों की ओर से फिक्सिंग की गयी थी। इसमें २०११ में लाडर्स के मैदान में भारत-इंगलैण्ड के बीच खेले गये टेस्ट मैच, २०११ विश्वकप के पांच मैच के अलावा २०१२ में श्रीलंका में वल्र्ड टी-२० मैच भी शक के घेरे में हैं। डाक्यूमेंट्री में २०१२ में यूएई में इंगलैण्ड-पाकिस्तान के बीच हुए तीन टेस्ट मैचों के साथ-साथ इसी साल केपटाउन में आस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गये टेस्ट मैच में भी स्पाट फिक्सिंग की आशंका जतायी गयी है। चैनल की डाक्यूमेंट्री में रिकार्डिंग्स और चित्रों के जरिए ये दावा किया गया कि मुनवर फाइल्स से संबंधित दावों के सबूत चैनल की इन्वेस्टिगेशन टीम के पास हैं। वहीं डाक्यूमेंट्री में एक फोन काल का जिक्र किया गया है, जो कथित मैच फिक्सर मुनवर ने इंगलैण्ड के एक खिलाड़ी को की थी। २०११ में कथित मैच फिक्सर मुनवर ने इंगलैण्ड के एक खिलाड़ी को काल कर एशेज के लिए बधाई देते हुए कहा था आपके अकाउंट में बकाया रकम हफ्तेभर में पहुंच जायेगी। इसके जवाब में खिलाड़ी कहता है शानदार। हालांकि जब इस खिलाड़ी (जिसका नाम नहीं बताया गया) से चैनल ने बातचीत की तो उन्होंने साफ तौर पर मना करते हुए इस आडियो को झूठा करार दे दिया। वहीं इंगलैण्ड और आस्ट्रेलिया के क्रिकेट बोर्डों ने स्पाट फिक्सिंग के इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। इंगलैण्ड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इस डाक्यूमेंट्री पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा चैलन ने मैच फिक्सिंग को लेकर जो सूचनाएं दी वो सीमित हैं और बहुत खराब ढंग से तैयार की गयी हैं। इनसे किसी तरह की स्पष्टता और पुष्टि नहीं की जा सकती और ना ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। वहीं क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने कहा सीए हमेशा खेल में भ्रष्टाचार लाने वालों के साथ कड़ा व्यवहार अपनाता है। अगर हमें लगता हैं कि कुछ भी गलत है तो हम उसके सख्त खिलाफ रहते हैं लेकिन हमें नहीं लगता कि चैनल की ये रिपोर्ट सही हैं, हमें हमारे खिलाडिय़ों पर पूरा भरोसा है।