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छटे नहीं संशयके बादल

विश्वकपमें भारत-पाकिस्तान मैचपर अभी नहीं हुआ फैसला
सादा होगा आईपीएल उद्घाटन समारोह, पैसा जायेगा  शहीद परिवारोंको-विनोद राय
पुलवामा हमला
नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने विश्वकप में पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलने का फैसला सरकार पर छोड़ गेंद उसके पाले में डाल दी है। सीओए (प्रशासकों की समिति) प्रमुख विनोद राय ने कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने पर हम सरकार के साथ मिलकर चर्चा करेंगे। फिलहाल इसमें तीन महीने का वक्त है, गंभीर चर्चा के बाद ही इस मुद्दे पर अंतिम फैसला होगा। बीसीसीआई की ओर से आईसीसी को खत लिखकर अपनी चिंताएं भी जाहिर कर दी हैं। टीम इंडिया के पाकिस्तान के साथ खेलने पर फैसले के लिए सीओए ने शुक्रवार को अहम बैठक बुलाई। बैठक के बाद सीओए प्रमुख ने कहा कि इस मामले पर फैसला सरकार के साथ विचार करने के बाद लिया जायेगा। अभी इसमें तीन महीने का वक्त है। राय ने यह भी कहा कि अभी यह फैसला लिया गया है कि आईसीसी को हम पाकिस्तान से जुड़ी अपनी चिंताएं बतायेंगे। आतंक को समर्थन देनेवाले देशों के साथ भविष्य में संबंध न रखा जाय इस पर भी आईसीसी बैठक में चर्चा की जायेगी। बीसीसीआई ने आईसीसी को खत लिखकर आईसीसी इवेंट से पहले अपनी चिंताएं और प्रतिबद्धताएं जाहिर की हैं। बीसीसीआई ने भारतीय खिलाडिय़ों, अधिकारियों, प्रशसंकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। उसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय से आतंक पैदा करने वाले मुल्कों को अलग-थलग की मांग की। बीसीसीआई सीओए की बैठक में पुलवामा हमले के शहीदों के परिवार की सहायता का फैसला लिया गया। सीओए प्रमुख विनोद राय ने कहा कि हमने फैसला किया है कि आईपीएल की भव्य ओपनिंग सेरेमनी नहीं होगी और उससे जो पैसे बचेंगे वह रकम शहीद परिवारों को बीसीसीआई की ओर से दी जायेगी। गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद से देशभर में विश्वकप में पाकिस्तान के बहिष्कार की मांग हो रही है। कई पूर्व खिलाड़ी पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलने के लिए कह रहे हैं। हरभजन सिंह, सौरभ गांगुली और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे खिलाड़ी पाकिस्तान के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। हालांकि बीसीसीआई ने सीधे तौर फैसला सरकार के पाले में डाल दिया है। विश्वकप में टीम इंडिया का पाकिस्तान के खिलाफ १६ जून को मैनचेस्टर में मुकाबला है। इस बैठक में सीओए के दो सदस्य विनोद राय और डायना इडुल्जी नयी दिल्ली से जबकि गुरुवार को नियुक्त तीसरे नये सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड रविंद्र थोडगे फोन पर उपलब्ध थे।
मुफ्त अंक देने का नहीं हराने का समय

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने शुक्रवारको कहा कि उन्हें आगामी विश्व कपमें पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलकर उसे दो अंक देना गवारा नहीं है क्योंकि इससे क्रिकेट महाकुंभमें इस चिर प्रतिद्वंद्वीको ही फायदा होगा। तेंदुलकरने भी सुनील गावृकर के विचारोंका समर्थन करते हुए कहा कि भारतके लिए विश्व कप में १६ जूनको होने वाले मुकाबलेसे हटनेके बजाय उसे हराना बेहतर होगा। सचिनने कहा कि भारतने विश्वकप में हमेशा पाकिस्तानके खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। अब फिरसे उन्हें हरानेका समय है। मैं निजी तौरपर उन्हें दो अंक देना पसंद नहीं करूंगा क्योंकि इससे टूर्नामेंटमें उन्हें मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लेकिन मेरे लिये भारत सर्वोपरि है और मेरा देश जो भी फैसला करेगा मैं तहेदिल से उसका समर्थन करूंगा। हरभजन सिंह और युजवेंद्र चहल जैसे खिलाडिय़ों ने जहां पाकिस्तान के पूर्ण बहिष्कार की मांग की है वहीं गावस्कर ने गुरुवार को कहा था कि अगर भारत अगर १६ जून को पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने का फैसला करता है तो यह उसकी हार होगी।

 विश्व कप ब्रिटेन में ३० मई से शुरू हो रहा है। शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट को संचालित करने वाली प्रशासकों की समिति ने कोई फैसला नहीं करने का निर्णय किया।
नहीं खेलना आत्मसमर्पणसे भी बुरा होगा-थरूर

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। पुलवामा हमले के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने एक ड्राफ्ट लेटर (मसौदा पत्र) तैयार किया है.  इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) से पाकिस्तान के एक दिवसीय कप में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गयी है। इस प्रस्ताव को आइसीसी को भेजना पर बीसीसीआइ शुक्रवार को फैसला करेगा। इस खबर के इतर कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर विश्व कप में पाकिस्तान के साथ खेलने के पक्ष में हैं। थरूर ने एक ट्वीट कर कहा कि करगिल युद्ध जब अपने चरम पर था, तब भी भारत ने विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलकर उन्हें हराया था। पुलवामा आतंकी हमले की वजह से विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेलने से जुड़ी मांग की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि मैच नहीं खेलना आत्मसमर्पण करने से भी बुरा होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलवामा हमले से जुड़ी अपनी कोताही से ध्यान भटकाना चाहती है। थरूर ने ट्वीट कर कहा कि जिस वक्त करगिल युद्ध अपने चरम पर था, उस समय भारत ने विश्वकप में पकिस्तान के खिलाफ मैच खेला और जीता। इस बार मैच छोडऩा न सिर्फ दो अंक गंवाना होगा, बल्कि यह समर्पण करने से भी ज्यादा बुरा होगा क्योंकि यह हार बिना संषर्घ किए होगी उन्होंने कहा हमारी सरकार ने पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रीय शोक भी घोषित नहीं किया, अब वे उस मैच को रद्द करना चाहते हैं जो तीन महीने बाद है। क्या ४० जिंदगियां जाने का यही गंभीर उत्तर है? थरूर ने आरोप लगाया कि भाजपा संकट से निपटने में हुई अपनी कोताही से ध्यान भटकाना चाहती है। हमें दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि प्रभावी काररवाई की जरूरत है यहां चर्चा कर दें कि कुछ महीने बाद ही इंगलैंड में एकदिवसीय क्रिकेट विश्वकप होने वाला है।
बीसीसीआई करेगी खेलने न खेलने का फैसला-चहल

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में १४ फरवरी को हुए आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के ४० जवान शहीद हो गये। जिसके बाद से पूरे देश में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोग सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस बीच भारतीय टीम के स्टार स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने कहा है कि यह हमारे हाथ में नहीं है, अगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कहती है तो हम खेलेंगे अगर वे कहते हैं कि नहीं तो हम नहीं खेलेंगे। मुझे लगता है कि यह कठिन समय है, हमें सख्त काररवाई करने की आवश्यकता है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि वहां (पाकिस्तान) सभी लोग गलत हैं लेकिन जो जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ काररवाई होनी चाहिए। पूरे देश भर में लोग अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं। वहीं राज्य संघों और क्रिकेट मुख्यालयों और क्रिकेटर स्टेडियम से पाकिस्तान के खिलाडिय़ों की फोटो गैलरी उतारी जा रही हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश क्रिकेट असोसियेशन (एचपीसीए) ने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम से पाक प्लेयर्स की तस्वीरें हटाईं थी। पूरे देश से सिर्फ एक ही आवाज उठ रही है कि पाकिस्तान के साथ भारत को किसी तरह का संबंध नहीं रखना चाहिए। पूरा देश पाकिस्तान के खिलाफ उचित काररवाई की मांग कर रहा है।

जहां पनपता है आतंक, उन देशों से खत्म हों संबंध

बीसीसीआईने आईसीसी को लिखा पत्र
नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। भारतीय क्रिकेट कट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने विश्वकप में पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलने का फैसला सरकार पर छोड़ दिया है। हालांकि बोर्ड ने इस बारे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को एक पत्र लिखकर अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है। बोर्ड ने पत्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों से संबंध खत्म करने की मांग की है। अपने पत्र में बीसीसीआई ने एकदिनी विश्वकप समेत आईसीसी की भविष्य में होने वाले प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले अपने खिलाडिय़ों, मैच अधिकारियों, फैंस की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई है। विनोद राय ने सीओए सदस्यों और बीसीसीआई के सीईओ राहुल जोहरी से बैठक के बाद कहा आईसीसी को लिखे एक पत्र में हमने आतंकवादी हमले को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर दी हैं। हमनें उन्हें बताया कि खिलाडिय़ों और मैच अधिकारियों की सुरक्षा का उचित ध्यान रखा जाना चाहिए। इससे पहले शुक्रवार को हुई बैठक के बाद सीओए के अध्यक्ष विनोद राय ने कहा कि इस मामले पर फैसला सरकार के साथ विचार करने के बाद लिया जायेगा। अभी इसमें तीन महीने का वक्त है। राय ने यह भी कहा कि अभी यह फैसला लिया गया है कि आईसीसी को हम पाकिस्तान से जुड़ी अपनी चिंताएं बतायेंगे। आतंक को समर्थन देनेवाले देशों के साथ भविष्य में संबंध न रखा जाय इस पर भी आईसीसी बैठक में चर्चा की जायेगी।
आईसीसी नहीं सुनेगी बीसीसीआई की बात-मियांदाद

इस्लामाबाद (एजेन्सियां)। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने इंगलैण्ड में खेले जाने वाल विश्वकप में पाकिस्तान के साथ होने वाले मैच का बहिष्कार करने को लेकर बीसीसीआई की आलोचना की है। एक पाकिस्तानी अखबार ने शुक्रवार को मियांदाद के हवाले से कहा ऐसी कोई संभावना नहीं है कि आईसीसी इस मामले पर बीसीसीआई की बात सुने क्योंकि आईसीसी का संविधान उसके हर सदस्य को हिस्सा लेने का अधिकार देता है। मीडिया में फैली खबरों के अनुसार बीसीसीआई विश्वकप में पाकिस्तान को भाग लेनेसे रोकनेके लिए आईसीसीसे अनुरोध करनेकी योजना बना रहा है। इंगलैण्डमें ३० मईसे १४ जुलाई तक होने वाले विश्वकपके ग्रुप चरणमें १६ जून को भारतको पाकिस्तानके साथ मैच खेलना है। मियांदादने पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुलीकी भी आलोचना की जिन्होंने बीसीसीआईसे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट रिश्तोंपर कड़ा फैसला लेनेकी बात कही थी। मियंादाद ने कहा मुझे लगता है कि सौरभ चुनाव लडऩा चाहते हैं या तो फिर अपने राज्य के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।