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चुनौतीको तैयार विराट सेना

विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप: वेस्टइण्डीज को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगा भारत
नार्थ साउंड (एजेन्सियां)। भारतीय टीम पहली विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के शुरूआती मुकाबले में गुरूवार को जब वेस्टइंडीज के सामने उतरेगी तो कप्तान विराट कोहली सटीक टीम संयोजन को लेकर जीत के साथ आगाज करना चाहेंगे। भारत अगर यह मैच जीतता है तो बतौर कप्तान कोहली की २७वीं टेस्ट जीत होगी और वह महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी कर लेंगे। इस मैच में शतक जमाने पर वह बतौर कप्तान १९ टेस्ट शतक के रिकी पोंटिंग के रेकार्ड की बराबरी कर लेंगे। कोहली, चेतेश्वर पुजारा, केएल राहुल और रोहित शर्मा के रहते भारतीय टीम कागजों पर मजबूत लग रही है लेकिन जैसन होल्डर की अगुवाई वाली कैरेबियाई टीम को हलके में नहीं लिया जा सकता । इंगलैण्ड को इसका अनुभव हो चुका है जिसे इस साल की शुरूआत में वेस्टइंडीज की जीवंत पिचों पर १-२ से पराजय झेलनी पड़ी। एंटीगा के सर विवियन रिचडर्स स्टेडियम की विकेट भी तेज गेंदबाजों की मददगार है। कोहली ने पहली विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के बारे में कहा कि लोग ऐसी बातें कर रहे हैं कि टेस्ट क्रिकेट प्रासंगिक नहीं रह गया है या खत्म हो रहा है। मेरा तो यह मानना है कि प्रतिस्पर्धा दुगुनी बढ़ गई है। खिलाडिय़ों को चुनौती का सामना करके जीत का प्रयास करना चाहिये। उन्होंने कहा कि अब मुकाबले काफी प्रतिस्पर्धी होंगे और टेस्ट मैच रोमांचक हो जायेंगे। यह सही समय पर लिया गया सही फैसला है। यहां पिछले टेस्ट में इंगलैण्ड की टीम १८७ और १३२ रन पर आउट हो गई थी लेकिन वह दूसरा समय था। कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री की चिंता का सबब केमार रोच और शेनोन गैब्रियल से मिलने वाली नयी गेंद की चुनौती होगा। पिच में गति और उछाल होने पर कोहली चार विशेषज्ञ गेंदबाजों को लेकर उतर सकते हैं। ऐसे में आर अश्विन और कुलदीप यादव के बीच एकमात्र स्पिनर की जगह के लिये होड़ होगी। तीन तेज गेंदबाजों की जगह जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा ओर मोहम्मद शमी लेंगे। बल्लेबाजी संयोजन दुरूस्त करना कोहली के लिये माथापच्ची का काम होगा। हार्दिक पंड्या उपलब्ध होते तो कोहली ऐसी स्थिति में रोहित या अजिंक्य रहाणे में से एक को बाहर रख सकते थे। वैसे टेस्ट क्रिकेट में वेस्टइंडीज के हालिया रेकार्ड को देखते हुए वह अतिरिक्त बल्लेबाज को लेकर उतर सकते हैं। हरी भरी पिच होने पर कोहली पांच गेंदबाजों को भी उतार सकते हैं जिसके मायने हैं कि मुंबई के दोनों बल्लेबाजों में से एक का चयन होगा और रविंद्र जडेजा हरफनमौला के रूप में खेलेंगे। यह भी देखना होगा कि मयंक अग्रवाल के साथ पारी का आगाज कौन करता है। के एल राहुल विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज हैं लेकिन आस्ट्रेलिया में हनुमा विहारी को उतारा गया। अब कमोबेश आसान तेज आक्रमण के सामने उसे मौका नहीं देना ज्यादती होगी। वेस्टइंडीज के पास शाइ होप, जान कैंपबेल और शिमरोन हेटमायेर के रूप में तीन प्रतिभाशाली युवा हैं। भारत के खिलाफ २०१६ की शृंखला के दौरान चेस ने पूरा दिन अश्विन को छकाया था जब वेस्टइंडीज पारी की हार की कगार पर था। डेरेन ब्रावो ५२ टेस्ट में ३५०० रन बना चुके हैं।
भारत - विराट कोहली (कप्तान), मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, रिधिमान साहा ।
वेस्टइंडीज - जैसन होल्डर (कप्तान) क्रेग ब्रेथवेट, डेरेन ब्रावो, शामार ब्रूक्स, जान कैंपबेल, रोस्टन चेस, रकहीम कार्नवाल, शेन डोरिच, शेनोन गैब्रियल, शिमरोन हेटमायेर, शाइ होप, कीमो पाल, केमार रोच।
समय- शाम सात बजे से।
कुंबलेको बनना चाहिए मुख्य चयनकर्ता

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंदर सहवाग ने अनिल कुंबले को मुख्य चयनकर्ता बनाने की सिफारिश की है। सहवाग ने कहा कि पूर्व कप्तान की खिलाडिय़ों का आत्मविश्वास बढ़ाने की खूबी उन्हें मुख्य चयनकर्ता का प्रबल दावेदार बनाती है। सहवाग ने इसके साथ ही इस काम के लिए पैसे बढ़ाने की भी बात कही। हमेशा खुलकर अपनी बात कहने वाले सहवाग ने कहा कि बीसीसीआई को चयन समिति को अधिक भुगतान करने की जरूरत है। वीरेंदर सहवाग ने ये बातें एक नए मोबाइल ऐप द चयन के लान्च के मौके पर कहीं।  एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली मौजूदा चयनसमिति को अकसर लाइटवेट होने का आरोप झेलना पड़ता है। इस पूरी चयन समिति के पास कुल मिलाकर १३ टेस्ट मैचों का अनुभव है। सहवाग ने कहा मुझे लगता है कि कुंबले मुख्य चयनकर्ता के पद के लिए बिलकुल सही उम्मीदवार होंगे। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने बतौर खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे लोगों से बात की है और कोच के रूप में युवाओं से उनका संवाद रहा है। सहवाग ने कहा जब मैंने कमबैक किया (आस्ट्रेलिया शृंखला २००७-०८), तो कप्तान कुंबले मेरे कमरे में आए और कहा तुम अगली दो शृंखला तक ड्राप नहीं होगे। खिलाड़ी को इसी तरह के भरोसे की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं समझते कि कुंबले इस काम के लिए राजी होंगे क्योंकि मुख्य चयनकर्ता को एक करोड़ रुपये साल का भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा बीसीसीआई को यह रकम बढ़ानी चाहिए। इसके बाद कई खिलाड़ी इस काम के लिए राजी होंगे। उनसे जब पूछा गया कि क्या वह यह जाब करेंगे तो उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत ज्यादा पाबंदियां पसंद नहीं हैं। उन्होंने कहा मैं कालम लिखता हूं टीवी पर आता हूं और चयन बनने का अर्थ है कई पाबंदियां। मुझे नहीं लगता कि मैं इतनी पाबंदियों में काम कर सकता हूं।
 सहवाग से जब नैक गार्ड लगाने के सुझाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा आपको गेंदबाज को अपनी गर्दन दिखाने की जरूरत ही क्या है। वीरु ने कहा आपके पास बल्ला है और आप हेलमेट पहनकर खेल रहे हैं। मैंने अपने पूरे करियर के दौरान कभी चेस्ट पैड का इस्तेमाल नहीं किया। स्मिथ को दूसरे एशेज टेस्ट के दौरान इंगलैण्ड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की गेंद लगी थी और वह चक्कर आने के कारण तीसरे एशेज टेस्ट से बाहर हो गये हैं। सहवाग साल २०१७ में टीम इंडिया के कोच बनना चाहते थे लेकिन रवि शास्त्री को उन पर प्राथमिकता दी गयी। सहवाग ने इस बार हेड कोच पद के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसके पीछे के कारणों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा २०१७ में मुझे बीसीसीआई सचिव और महाप्रबंधक क्रिकेट संचालन (दिवंगत) एमवी श्रीधर ने आवेदन करने के लिए कहा था इसलिए मैंने आवेदन किया। इस बार किसी ने मुझे ऐसा करने को नहीं कहा इसलिए मैंने आवेदन ही नहीं किया। ४० वर्षीय सहवाग ने कहा कि उन्हें हितों का टकराव से जुड़े नियम समझ में नहीं आते। उन्होंने कहा मुझे समझ में आता है कि अगर मैं चयनकर्ता हूं या फिर राष्ट्रीय कोच तो मैं अकेडमी नहीं चला सकता
सिंधू आसान जीत के साथ प्री क्वार्टर फाइनलमें

बासेल (एजेन्सियां)। दो बार की रजत पदक विजेता पीवी सिंधू ने बुधवार को यहां बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के अपने पहले मैच में आसान जीत दर्ज की। पिछले महीने इंडोनेशिया ओपन के फाइनल में जगह बनाने वाली सिंधू ने शानदार रैलियां की और दूसरे दौर में चीनी ताइपे की पाइ यू पो को ४३ मिनट में २१-१४, २१-१४ से हराया। पहले दौर में बाई हासिल करने वाली पांचवीं वरीय सिंधू को प्री क्वार्टर फाइनल में अमेरिका की नौवीं वरीय बेईवान झेंग का सामना करना पड़ सकता है। ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधू को पिछले साल इंडिया ओपन के फाइनल में झेंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। पहले गेम में सिंधू और पाइ यू ने सतर्क शुरुआत की। सिंधू ने ५-५ के स्कोर के बाद तेजी दिखाई और ब्रेक तक ११-७ की बढ़त हासिल कर ली। बैकलाइन में गलती करते हुए पाइ यू ने सिंधू को छह गेम प्वाइंट दिए और भारतीय खिलाड़ी ने क्रास कोर्ट रिटर्न के साथ पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधू ने शानदार शुरुआत करते हुए ६-१ की बढ़त दिलाई। पाइ सू ने हालांकि रैली में बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्कोर ५-७ किया। ताइवान की खिलाड़ी ब्रेक तक ११-१० की बढ़त बनाने के सफल रही लेकिन इसके बाद सिंधू ने शानदार खेल दिखा और दूसरा गेम २१-१४ से जीत मैच अपनी झोली में डाला। जे मेघना और पूर्विशा एसराम की भारतीय महिला युगल जोड़ी को शिहो तनाका और कोहारू योनेमोतो की जापान की आठवीं वरीय जोड़ी के खिलाफ ८-२१, १८-२१ से हार का सामना करना पड़ा।
भारतकी बल्ले-बल्ले
हाकी: ओलम्पिक टेस्ट टूर्नामेण्ट

खिताब ले उड़ी पुरूष और महिला टीम
तोक्यो (एजेन्सियां)। भारत के लिए बुधवार दोहरी खुशी लेकर आया पहले पुरुष टीम ने राउंड राबिन चरण में मिली हार का बदला चुकता करते हुए न्यूजीलैण्ड को फाइनल में ५-० से हराकर ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट जीत लिया फिर महिलाओं ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मेजबान जापान को एक संघर्षपूर्ण मैच में २-१ से हराकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया। पुरुष टीम शुरुआत से ही न्यूजीलैण्ड पर हावी रही। भारत को राउंड राबिन चरण में न्यूजीलैण्ड ने १-२ से हराया था। दोनों टीमों ने संभलकर खेलना शुरू किया। भारत को सातवें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला जिस पर गोल नहीं हो सका लेकिन कप्तान हरमनप्रीत ने उसी मिनट मिले दूसरे पेनल्टी कार्नर पर गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। भारतीय टीम ने गेंद पर नियंत्रण जारी रखा और पहले क्वार्टर में १-० की बढ़त कायम रही। शमशेर ने १८वें मिनट में भारत के लिये दूसरा गोल पेनल्टी कार्नर पर दागा। न्यूजीलैण्ड की टीम दूसरे क्वार्टर में दो बार सर्कल में घुसने में कामयाब रही जबकि भारत ने तीन और गोल दाग दिये। नीलाकांता ने २२वें मिनट में तीसरा गोल किया। इसके बाद गुरसाहिबजीत सिंह और मनदीप ने लगातार गोल दागे। तीसरे और चौथे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका। आखिरी क्वार्टर में भारतीय डिफेंडरों ने दमदार प्रदर्शन करके न्यूजीलैण्ड को कोई मौका नहीं दिया। उधर ओआई हाकी स्टेडियम में विश्व में दसवें नंबर की भारतीय महिला टीम का पहले दस मिनट में दबदबा रहा और उसे ११वें मिनट में इसका फायदा भी मिला जब एक बेहतरीन मूव पर नवजोत गोल करने में सफल रही। भारत की खुशी हालांकि ज्यादा देर तक नहीं रही और जापान ने जवाबी हमला करके अगले मिनट में गोल दागकर स्कोर १-१ से बराबर कर दिया। दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने अपनी रक्षापंक्ति पर ध्यान दिया। दोनों टीमों ने कुछ मौके बनाये लेकिन वे गोल करने में नाकाम रही। इससे मध्यांतर तक स्कोर १-१ से बराबरी पर ही रहा। मध्यांतर के बाद भारत ने आक्रामक तेवर अपनाये और उसने ३३वें मिनट में पेनल्टी कार्नर हासिल किया। भारतीय ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर का शाट जापानी गोलकीपर मेगुमी कागेयामा ने बचा लिया लेकिन युवा फारवर्ड लालरेमसियामी रिबाउंड पर गोल करने में सफल रही। जापान को भी ४२वें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन भारतीय रक्षकों ने उसका बचाव करके भारतीय बढ़त बरकरार रखी। भारत को ४५वें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन इस पर वह गोल नहीं कर पाया। भारत आखिरी क्वार्टर में गोल बचाने की कवायद में जुट गया और इसमें वह सफल भी रहा। जापान को आखिरी क्षणों में लगातार दो पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता ने दोनों अवसरों पर अच्छा बचाव किया।