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दीपिका- रणवीर की शादी के कार्ड में बड़ी गलती

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी की डेट को लेकर चल रही अटकलें खत्म हो गई, उनकी शादी का कार्ड अपने सोशल साइट पर शेयर किया जिसमे उनकी शादी की डेट 14 और 15 नवंबर बताई गई है। 10 लाइन के इस कार्ड में वे बहुत बड़ी गलती कर गए। दीपिका और रणवीर ने हिंदी में जो कार्ड जारी किया है, उसमें दीपिका के नाम की स्पेलिंग गलत लिखी है। ' दीपिका' की जगह 'दीपीका' लिखा है इसके अलावा 'क़ि' और 'की' में भी गलती । इसी बात पर ट्विटर पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।
एक यूजर ने पूछा है- शादी के कार्ड पर अपना नाम गलत कौन लिखता है? एक अन्य यूजर ने पूछा है - दो दिन तक कौन-सी शादी होती है यार। एक यूजर ने लिखा- ऐसा कभी नहीं सुना कि कोई एक ही पार्टनर के साथ दो अलग-अलग डेट्स पर शादी करता है।
दीपिका और रणवीर ने अपने फैंस से किया वादा निभाया है। दोनों ने खुद अपनी शादी की डेट फैन्स से शेयर की। उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि ''शादी के बारे में जैसे ही सब कुछ तय होगा मीडिया और फैंस को सूचना हम खुद देंगे।
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 ‘पद्मावत’ को 2018 ‘ताइपे गोल्डन होर्स फिल्म उत्सव’ में चुना गया

मुंबई। फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ का ‘ताइपे गोल्डन होर्स फिल्म उत्सव’ में आधिकारिक रूप से चयन किया गया है। आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इसकी घोषणा की गई। इस पर लिखा गया, ‘‘प्रसन्न, अभिभूत और अविश्वसनीय रूप से धन्य। ‘पद्मावत’ को 2018 ताइपे गोल्डन होर्स फिल्म उत्सव में आधिकारिक रूप से चुना गया है।’’ फिल्म में रणवीर सिंह ने सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी, शाहिद कपूर ने रावल रतन सिंह और दीपिका पादुकोण ने महारानी पद्मावती की भूमिका निभाई है।
फिल्म में राजपूती आन-बान और शान को खूब बढ़ाचढ़ाकर दिखाने की कोशिश की गई है। राजपूत कटी गर्दन के बावजूद लड़ते दिखाए गए हैं। गोरा सिंह और बादल के किरदार राजपूती शान की कहानी कहते हैं। राजा रतन सिंह की पीठ में कई तीर घुस जाते हैं, लेकिन वो मुंह के बल नहीं गिरते, उनकी मौत जब होती है तो वो घुटने के बल बैठकर, सीना ताने आकाश की तरफ देख रहे होते हैं। महारानी पद्मावती की शान में खूब कसीदे काढ़े गए हैं। करणी सेना वाले अगर फिल्म देखकर विरोध की सोचते तो चार लोग भी सड़क पर नहीं आते।
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श्रीदेवी की जिंदगी  पर लिखी गई किताब, कई दबे हुए राज खुले

नयी दिल्ली। फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से भले ही श्रीदेवी रातों रात एक लोकप्रिय बन गईं हों, लेकिन श्रीदेवी खुद इसे अपने लिए अच्छा नहीं मानती थी। किताब में इसका खुलासा किया गया है। ‘श्रीदेवी: क्वीन ऑफ हार्ट्स’ नामक किताब में वर्ष 1987 में साक्षात्कार के हवाले से कहा गया कि वह इस बात से खुश नहीं थी कि हिंदी सिनेमा में उनकी पहली हिट फिल्म ‘हिम्मतवाला’ (1983) थी।
किताब में कहा गया, ‘‘तमिल फिल्मों में वे मुझे स्वभाविक अदाकारी करते देखना पसंद करते हैं। लेकिन हिंदी फिल्मों में उन्हें काफी ग्लैमर, समृद्धि और मसाला चाहिए। मेरी बदकिस्मती है कि हिंदी सिनेमा में मेरी पहली हिट कमर्शियल थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने ‘सदमा’ में एक चरित्र किरदार किया, तो वह असफल रही। इसलिए लोगों ने मुझे केवल ग्लैमर किरदारों में लेना शुरू कर दिया। लेकिन एक दिन में लोगों को साबित कर दूंगी कि मैं अभिनय भी कर सकती हूं।’’ किताब ‘श्रीदेवी: क्वीन ऑफ हार्ट्स’ पत्रकार एवं लेखिका ललिता अय्यर ने लिखी है।