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पानीके मामलेमें मुम्बई अव्वल,दिल्ली फिसड्डïी

नयी दिल्ली (आससे)। केंद्र सरकार द्वारा २१ शहरों में कराये गये पानी के नमूनों के सर्वेक्षण में पता चला है कि गुणवत्ता की कसौटी पर झारखंड की राजधानी रांची का पानी  चौथे स्तर पर है, जबकि १०वें स्तर पर पटना और १५वें स्तर पर लखनऊ का पानी है। सबसे शुद्ध पानी मुंबई में तथा सबसे खराब पानी दिल्ली में पाया गया है। सरकार ने नलों के जरिये लोगों तक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु प्रोत्साहित करने के इरादे से आज इन शहरों के जल की गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की है।
आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने दिल्ली और राज्यों की राजधानियों में उपलब्ध जल की गुणवत्ता पर रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट हर घर में २०२४ तक नलों के जरिये लोगों को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल जीवन अभियान के अनुरूप जारी की गयी है।  पासवान ने बताया कि सर्वेक्षण के लिये खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय ने भारतीय मानक ब्यूरो के माध्यम से दिल्ली एवं राज्यों की राजधानियों में नल के जरिये आपूर्ति किये जाने वाले पीने की पानी की गुणवत्ता की जांच करायी। इसके बाद नतीजों के आधार पर राज्यों, स्मार्ट शहरों और जिलों को रैंकिंग दी गयी। पासवान ने बताया कि पहले चरण में दिल्ली में विभिन्न स्थानों से पेयजल के नमूने लिये गये और दूसरे चरण में २० राज्यों की राजधानियों से नमूने इकट्ठा किये गये। इन नमूनों को भारतीय मानक १०५००:२०१२ (बीसीआई द्वारा निर्धारित पेयजल के लिये विशिष्टता) के अनुसार परिक्षण के लिये भेजा गया। मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित एक या अधिक मापदंडों को पूरा करने के मामले में बहुत सारे नमूने विफल रहे।  पासवान ने बताया कि इनमें से दिल्ली के विभिन्न स्थानों से इकट्ठा किये गये पानी के ११ नमूने तय मानदंडों पर खरे नहीं उतरे। हालांकि मुंबई से एकत्र किये गये १० नमूने सभी मानदंडों पर खरे पाये गये। हैदराबाद, भुवनेश्वर, रांची, रायपुर, अमरावती और शिमला के पानी के एक या उससे अधिक नमूने मानदंडों पर सही नहीं पाये गये। १३ राज्यों की राजधानियों जैसे चंडीगढ़, तिरुअनंतपुरम, पटना, भोपाल, गुवाहाटी, बंगलुरू, गांधीनगर, लखनऊ, जम्मू, जयपुर, देहरादून, चेन्नई और कोलकाता से लिये गये पानी के नमूनों में से कोई भी निर्धारित मानकों पर सही नहीं पाये गये।  पासवान ने मीडिया से कहा कि रिपोर्ट जारी करने का उद्देश्य यह है कि सभी को पीने का साफ पानी मिल सके। रिपोर्ट का उद्देश्य किसी को हतोत्साहित करना नहीं, बल्कि राज्य सरकारों को नलों के जरिये लोगों को स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि तीसरे चरण के तहत पूर्वोत्तर के राज्यों की राजधानियों तथा आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा घोषित स्मार्ट शहरों से पानी के नमूने इकट्ठे किये गये हैं।