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नया भारत बनाना है,अम्बरसे आगे जाना है-मोदी

नयी दिल्ली(आससे)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान को  २५ सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर देशभर में शुरू किये जाने की घोषणा की है। इस योजना के तहत देश की लगभग ५० करोड़ गरीब आबादी को ५ लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया जायेगा। ७२वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर पर ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में  राजग सरकार की चार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तार से उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने आगामी २५ सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर पूरे देश में प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान को शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह होगा कि देश के गरीब व्यक्तिय को अब बीमारी के संकट से नहीं जूझना पड़ेगा और मध्यम वर्गीय परिवारों के नौजवानों के लिये आरोग्य के क्षेत्र में नये अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीब और वंचित वर्गों को ५ लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इससे ५० करोड़ भारतीयों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुसंधान क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि २०२२ तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री, बेटा हो या बेटी, गगनयान से अंतरिक्ष में पहुंचेंगे। उन्होंने बेटियों को बड़ा तोहफा देते हुये महिलाओं के लिये सेना में स्थायी कमीशन की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेना में अल्पकालीक सेवा की महिला अधिकारियों को पुरुष सैन्य अधिकारियों की तरह स्थायी कमीशन के अवसर दिये जायेंगे। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुये मोदी ने कहा कि समाज और देश को दुष्कर्म की कुत्सित मानसिकता से मुक्त किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार तीन तलाक की कुप्रथा समाप्त करने की कोशिश कर रही है, लेकिन कुछ लोग इसे खत्म होने नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि सबके लिये सामाजिक न्याय और तेजी से
प्रगतिशील भारत का निर्माण बहुत जरूरी है। हाल ही में समाप्त हुये संसद के मानसून सत्र का उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित रहा। हमारी संसद ने संवेदनशीलता और सजगता के साथ सामाजिक न्याय को और अधिक मजबूत बनाया है। ओबीसी आयोग को वर्षों से संवैधानिक दर्जा देने के लिये मांग उठ रही थी। इस साल संसद ने पिछड़े, अति पिछड़ों को उस आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर उनके हकों की रक्षा करने का प्रयास किया है। लालकिले से अपने पांचवें संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान संघों से लेकर कृषि विशेषज्ञ और राजनीतिक दल किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मांग कर रहे थे। उनकी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का निर्णय लिया। जीएसटी की सफलता और इसे देशभर में लागू करने में कारोबारी समुदाय के सहयोग के लिये धन्यवाद देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के पास राष्ट्रहित में कड़े निर्णय लेने का सामथ्र्य है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में शांति होने से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून पूरी तरह से हटा लिया गया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिये पहले दिल्ली दूर थी, लेकिन पिछले चार साल में दिल्ली इस क्षेत्र के दरवाजे पर आ गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारे  पूर्वोत्तर के नौजवान वहां बीपीओ खोल रहे हैं और हमारे शिक्षा संस्थान  नये बन रहे हैं। हमारा पूर्वोत्तर खेती-किसानी का केंद्र बन रहा है और उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों के लिये मेजबानी कर रहा है। जम्मू कश्मीर का उल्लेख करते हुये मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत की राह दिखायी थी। वाजपेयी जी ने कहा था कि इन तीन मूल्यों को लेकर हम कश्मीर के विकास के लिये काम करेंगे। हमारी सरकार इसी भाव के साथ आगे बढऩा चाहती है। हम गोली और गाली के रास्ते पर नहीं, बल्कि गले लगाकर कश्मीर के देशभक्ति से जीने वाले लोगों के साथ आगे बढऩा चाहते हैं। एक रैंक, एक पेंशन का उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों से यह मांग लंबित थी, हमारी सरकार ने इसे लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जन आकांक्षाओं और लोगों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रही है। इसके लिये केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्ट लोगों और कालाधन रखने वालों को नहीं छोड़ेगी, क्योंकि उन्होंने देश को बर्बाद किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व की छठीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। ऐसे सकारात्मक माहौल में आजादी का पर्व मना रहे हैं। संप्रग सरकार से अपनी सरकार की तुलना करते हुये मोदी ने कहा कि २०१३ की रफ्तार को यदि हम आधार मान लें तो पिछले चार साल में हुये कामकाज का लेखाजोखा लें तो आपको आश्चर्य होगा। शौचालय, बिजली, एलपीजी कनेक्शन, अप्टिकल फाइबर हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। पहले ऐसे कामों  को पूरा करने में पीढिय़ां लग जाती थीं। आज देश में बदलाव आया है। देश वही है, धरती वही है, हवा-आसमान वही है, अधिकारी वही हैं, फाइलें वही हैं, लेकिन चार साल में देश बदलाव महसूस कर रहा है। देश में नयी चेतना, नयी ऊर्जा है। आज दोगुनी रफ्तार से राजमार्ग बन रहे हैं और चारगुना नये मकान बन रहे हैं। देश रिकार्ड अन्न उत्पादन के साथ रिकार्ड मोबाइल बना रहा है। रिकार्ड टै्रक्टर की खरीद हो रही है। आजादी के बाद सबसे अधिक हवाई जहाज खरीदे जा रहे हैं, नये-नये आईआईटी और एम्स बन रहे हैं। टायर टू और टायर थ्री शहरों में स्टार्ट अप्स की बाढ़ है। सरकार एक तरफ डिजिटल इंडिया के लिये काम कर रही है तो उतने ही लगावों से दिव्यांगों के लिये काम किया जा रहा है। आज पूरी दुनिया हमारी ओर गौर से देख रही है। दुनिया कह रही है कि सोया हुआ हाथी अब दौडऩे लगा है। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां कह रही है कि आने वाले तीन दशक भारत दुनिया को गति देने वाला होगा। उन्होंने कहा कि हम मक्खन तो नहीं पत्थर पर लकीर खींचने वाले लोग हैं। इसके लिये कड़ी मेहनत कर रहे हैं। स्वच्छता मिशन से तीन लाख बच्चों की जान बची है। पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आये हैं। गरीबों की आड़ में सरकारी पैसे की लूट पर लगाम लगाकर हमने ९ हजार करोड़ रुपये बचाये हैं। सरकार सबका साथ, सबका विकास को ध्यान में रखकर देश को नयी ऊंचाई पर ले जायेगी। इसके लिये मैं बेसब्र हूं। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का समापन एक कविता से किया। उन्होंने कहा कि यह नवयुग है, नव भारत है, खुद लिखेंगे अपनी तकदीर, बदल रहे हैं तस्वीर। हम निकल पड़े हैं अपना तनमन अर्पण करके, जिद है एक सूर्य उगाना है, अम्बर से आगे जाना है, एक नया भारत बनाना है।