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सभी समस्याओंकी जड़ आतंकवाद-सुषमा

नयी दिल्ली (आससे)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को सभी समस्याओं की जड़ करार देते हुये कहा है कि इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिये। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि डिजिटल के दौर में आतंकवाद की चुनौती पहले के मुकाबले ज्यादा गंभीर हुयी है और इसमें चरमपंथ की भूमिका काफी अहम है। आज यहां रायसीना डायलॉग को संबोधित करते हुये विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद आज की सभी समस्याओं की जड़ है और इसके प्रति हमारा नजरिया पिछले कुछ दशकों में विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि कभी आतंकवाद को दूसरे की समस्या या कानून व्यवस्था की समस्या के तौर पर देखा जाता था और इसका इस्तेमाल विदेश नीति के रूप में किया जाता था, लेकिन अब यह बीते समय की बात हो चुकी है।  सुषमा ने कहा कि हम इस बात को लेकर बिलकुल साफ हैं कि आतंकवाद से हर समाज को खतरा है। माना जा रहा है कि सुषमा ने किसी देश का नाम भले ही न लिया हो, लेकिन उनका साफ इशारा आतंकवाद को लगतार शह दे रहे और इसे विदेश नीति का हिस्सा बना चुके पाकिस्तान की तरफ था। सुषमा ने कहा कि डिजिटल युग और कट्टरवाद बढऩे से आतंकवाद की चुनौती और अधिक गंभीर हो गयी है।
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सोशल मीडियापर पाबंदी जरूरी-रावत
नयी दिल्ली (आससे)। अगर केंद्र सरकार ने सेना प्रमुख के सुझाव को स्वीकार कर लिया तो जल्द ही सोशल मीडिया पर आंशिक पाबंदी लगायी जा सकती है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि आतंकवादियों के हाथ में परमाणु और रासायनिक हथियारों के आज जाने से  मानवता को खतरा पैदा हो जायेगा। उन्होंने कहा है कि आतंकवादी उच्च तकनीक वाली प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के आरपार काम करी है। वे अब इंटरनेट और सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करने लगे हैं, इसलिये इनपर भी कुछ पाबंदियां लगायी जा सकती हैं। आज यहां रायसीना डायलॉग को संबोधित करते हुये सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि आतंकियों द्वारा  तकनीक के इस्तेमाल  पर चिंता व्यक्त की और उनकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिये सोशल मीडिया पर सीमित पाबंदी की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें सुरक्षित वातावरण के लिये कुछ कड़े कदम और निर्णय लेने ही होंगे, भले ही वो अस्थायी तौर पर हों, जिससे कि आतंकवाद का समूल सफाया किया जा सके। सेना प्रमुख ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में यह बात कुछ पसंद नहीं की जायेगी। हमें सोचना होगा कि हम एक स्वतंत्र और सुरक्षित देश चाहते हैं या नहीं?  कुछ समय के लिये नियंत्रण के जरिये आतंक पर लगाम लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जबतक अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस लड़ाई में साथ नहीं आयेगा, आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है। सेना प्रमुख ने डोकलम में चीनी सैनिकों द्वारा किये जा रहे निर्माण पर कहा कि इनमें से अधिकतर अस्थायी प्रकृति के निर्माण हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सेना भी वहां पर है और अगर वे आयेंगे तो हम उनका मुकाबला करेंगे। उन्होंने मीडिया से कहा कि वह इसे लेकर किसी गंभीर समस्या की कल्पना न करें। मालूम हो कि रायसीना डायलॉग में ९० देशों के १५० से अधिक वक्ताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम के एक सत्र को सेना प्रमुख ने संबोधित किया।
आतंकियोंने नावसे की थी घुसपैठ
श्रीनगर। पिछले दिनों 15 जनवरी को सेना दिवस के मौके पर सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान से घुसपैठ की कोशिश कर रहे जैश ए मोहम्मद के 5 आतंकियों को ढेर कर दिया था। बुधवार को उस नाव की फोटो सामने आई है जिसका उपयोग जैश आतंकियों ने झेलम नदी पार कर उड़ी सेक्टर में घुसपैठ करने के लिए किया था। यह फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। न्यूज एजेंसी ने यह फोटो जारी की है जिसका इस्तेमाल उड़ी सेक्टर में घुसपैठ के लिए आतंकियों ने किया था। फोटो में नाव झेलम के पानी में तैरती दिखाई दे रही है। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद ने सोमवार को सूचना दी कि जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में घुसपैठ करने के संभावित प्रयासों के बारे में सुरक्षा बलों को पहले से ही इशारा किया गया था। उन्होंने कहा था,पिछले कुछ दिनों से हमें उड़ी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश के इनपुट मिल रहे थे।