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पुलवामा हमलेको लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा

नयी दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ  के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। वहीं फॉरेंसिक और एनएसजी की शुरुआती रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।  रिपोर्ट के अनुसार इस हमले को लेकर 150 से 200 किलो आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ है। वहीं पता चला है इस हमले की चपेट में आई बस बुलेट आईईडी प्रूफ नहीं थी। आतंकी ने काफिले में 5वें नंबर पर चल रही बस को कार की टक्कर मारी। आपको बतां दे कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। तभी एक आत्मघाती आतंकवादी ने विस्फोटक से भरी अपनी कार जवानों की बस से भिड़ा दी। इस बस में 40 जवान शहीद हो गए थे। आतंकवादियों ने जिस स्थान पर घटना को अंजाम दिया है वह लाथपोरा के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर से ज्यादा दूर नहीं है। यहां पर 31 दिसंबर 2017 को आतंकवादियों ने हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटना में शहीद हुए जवानों के क्षत विक्षत शव जम्मू कश्मीर राजमार्ग में बिखर गए।
कुछ शवों की हालत तो इतनी खराब है कि उनकी शिनाख्त में काफी वक्त भी लग सकता है।
विस्फोट की आवाज सुनाई देते ही लोग यहां वहां भागने लगे। घटनास्थल से 300 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित लेथपुर बाजार के दुकानवाले अपनी अपनी दुकानों के शटर गिरा कर भाग गए।
हेमराजके पिताका छलका दर्द, कहा- कब तक हमारे बेटे होते रहेंगे शहीद
कोटा(एजेंसी)। जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी हमले में शहीद हुये राजस्थान में कोटा के हेमराज मीणा के पिता हरदयाल मीणा ने अपने पुत्र की शहादत पर गर्व किया। उन्होंने कहा कि  केन्द्र सरकार को पाकिस्तान को इसका मुंहतोड़ जबाव देना चाहिए। कोटा जिले के छोटा साथ गांव विनोद कला के रहने वाले 70वर्षीय हरदयाल मीणा ने अपने पुत्र हेमराज के शहीद होने का दर्द को अपनी जुंबा से बयां करते हुये कहा कि हम कब तक आतंकी हमले सहन करते रहेगें और सैनिक कब तक शहीद होते रहेगें। उन्होंने कहा कि सरकार को पाकिस्तान से इस हमले का बदला लेना चाहिये तभी मेरे दिल के घाव सूखेंगे। इस बीच पति की शहादत की खबर मिलते ही हेमराज की पत्नि मधुवाला की तबियत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। शहीद हेमराज के परिवार में माता पिता, भाई एवं पत्नी मधु एवं चार मासूम बच्चे साथ रहते है।
शहीद की पत्नी से स्थानीय जनप्रतिनिधि मिलने पहुंचे तो उसने कहा कि अब मेरे बच्चों की देखभाल कौन करेगा। सूत्रों के अनुसार शहीद हेमराज की नौकरी विवाह के बाद लगी थी। उसके रिटार्यड होने में भी अब केवल 18 माह ही शेष बचे थे। शहीद हेमराज मीणा के दो पुत्र एवं दो पुत्रियां हैं। बड़ी बेटी रीना उम्र 18 वर्ष, टीना उम्र 14 वर्ष, पुत्र अजय उम्र 12 वर्ष, ऋषभ की उम्र चार वर्ष है। हेमराज मीणा मंगलवार को ही कोटा से ड्यूटी पर गए थे। उन्होंने पत्नी से 20 दिन बाद लौटने का वादा किया था।