Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


ग्रामीण भारतमें बिजलीके स्मार्ट मीटरोंसे सभी को फायदा होगा-एडीबी

नयी दिल्ली। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) सैटेलाइट आधारित स्मार्ट मीटर परियोजना का विस्तार करने की योजना बना रहा है। फिलहाल इस परियोजना का क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश के एक गांव में किया जा रहा है। एडीबी का कहना है कि यह उपभोक्ताओं से लेकर बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) सहित सभी के लिए फायदे की परियोजना है। एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) को 20 करोड़ डॉलर के कर्ज के तहत देश में कई मांग पक्ष आधारित ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी के तहत एडीबी की मदद वाली पायलट परियोजना वाराणसी के एक गांव में चलाई जा रही है। इसके तहत 5,000 परिवारों को सैटेलाइट संचार प्रौद्योगिकी वाले स्मार्ट मीटर मिले हैं। यह प्रौद्योगिकी ईईएसएल ने लगाई है। एडीबी के यांगपिंग जाई ने एक ब्लॉग में लिखा है कि प्रस्तावित दूसरी योजना के तहत एडीबी इस परियोजना का विस्तार कर रहा है। यांगपिंग ऊर्जा क्षेत्र के समूह के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि स्मार्ट मीटर से चार प्रमुख अंशधारकों को फायदा होता है। स्मार्ट मीटर के जरिये ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की गुणवत्ता सुधरती है। बिजली कटौती की अवधि घटती है और बिल भुगतान के लचीले विकल्प उपलब्ध होते हैं। स्मार्ट मीटर से मोबाइल एप के जरिये बिजली के इस्तेमाल के बारे में तत्काल जानकारी मिलती है। ऐसे में उपभोक्ता बिजली की बर्बादी को रोक सकता है और बचत कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के जरिये डिस्कॉम सही बिल भेज सकती हैं क्योंकि इसमें मानव हस्तक्षेप नहीं होता। उपभोक्ता द्वारा बिल नहीं चुकाने पर वे दूर बैठकर भी उसका बिजली का कनेक्शन काट सकती हैं। उन्होंने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों के तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान में क्रमश: 30 और 15 प्रतिशत की कमी लाई जा सकती है। साथ ही वे अपनी बिजली खरीद जरूरत का अनुमान लगा सकती हैं तथा बिजली का अधिक महत्तम तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित कर सकती हैं। स्मार्ट मीटर की खरीद का खर्च करीब 35 डॉलर यानी 2,560 डॉलर का है। इसी तरह पांच साल के लिए इसे लगाने का खर्च भी 35 डॉलर का है।
वेदांताको राजस्थान तेल ब्लॉक का अनुबंध विस्तार मिला
नयी दिल्ली। खनन क्षेत्र की कंपनी वेदांता लिमिटेड को राजस्थान के बाड़मेर स्थित तेल ब्लॉक की अनुबंध अवधि 10 साल बढ़ाने के मामले में सफलता मिली है। हालांकि, यह अवधि इस शर्त के साथ बढ़ाई गई है कि कंपनी तेल ब्लॉक से होने वाले मुनाफे में सरकार को अधिक हिस्सेदारी देगी। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी। सरकार की तरफ से बाड़मेर स्थित तेल एवं गैस ब्लॉक आरजे-ओएन-90..1 को 25 साल के लिए आवंटित किया गया था। यह अवधि 14 मई 202 को समाप्त हो रही है। वेदांता लिमिटेड ने नियामकीय जानकारी में कहा है, ''पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के जरिए कार्य को अंजाम देते हुए भारत सरकार ने राजस्थान ब्लॉक आरजे-ओएन-90..1 के उत्पादन भागीदारी अनुबंध को दस साल के लिए विस्तार देने की मंजूरी दे दी है।ÓÓ इस ब्लॉक का अनुबंध 15 मई 2020 से आगे 10 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इसमें कहा गया है, ''अनुबंध में यह विस्तार भारत सरकार ने उसकी 7 अप्रैल 2017 की नीति के तहत नई तेल अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति लागू होने से पहले आवंटित तेल खोज ब्लॉक के विस्तार के तहत दी गई है। इसमें कुछ शर्तों के साथ यह विस्तार दिया गया है। सरकार ने पिछले साल एक नीति को मंजूरी दी थी जिसमें कंपनियों के साथ उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) की अवधि को शुरुआती 25 साल से आगे बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इसके साथ यह शर्त भी रखी गई है कि समय सीमा का विस्तार तभी होगा जब कंपनी तेल उत्पादन मुनाफे में सरकार का हिस्सा 10 प्रतिशत बढ़ाने पर सहमत होगी।

 वेदांता ने इस नीति को चुनौती दी थी। मामला इस समय अदालत में है। कंपनी का दावा है कि सरकार ने पुरानी नीति को बीच में ही बदल दिया जबकि मई 1995 के उत्पादन भागीदारी अनुबंध में उन्हीं शर्तों पर ब्लॉक के अनुबंध में 10 साल के लिए स्वत: विस्तार का प्रावधान है। यदि ब्लॉक में तेल एवं गैस उपलब्ध है तो यह विस्तार पुरानी शर्तों पर ही होगा।
वेदांता ने नीति में बदलाव को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। इस साल जुलाई में उच्च न्यायालय ने सरकार को पुरानी शर्तों पर ही विस्तार देने का आदेश दिया लेकिन सरकार ने मामले को न्यायालय के आदेश को आगे चुनौती दी है। मामला अदालत में है।
सुंदरम फास्टेनर्सका एकल मुनाफा 21.8 प्रतिशत बढ़ा
चेन्नई। वाहनों के कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनी सुंदरम फास्टेनर्स लिमिटेड को 30 सितंबर 2018 को समाप्त तिमाही में एकल आधार पर 110.22 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 90.43 करोड़ रुपये की तुलना में 21.8 प्रतिशत अधिक है। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय पिछले वित्त वर्ष के 826.74 करोड़ रुपये से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 1,011.19 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। कंपनी ने जारी बयान में कहा कि उसने किसी तिमाही में पहली बार एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व परिचालन से हासिल करने कीर्तिमान बना लिया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने सोमवार को हुई बैठक में प्रति शेयर दो रुपये का लाभांश देने की मंजूरी दी है।
कंपनी का शेयर बंबई शेयर बाजार में 1.09 प्रतिशत मजबूत होकर 512.90 रुपये पर रहा।