Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


Aफूडपांडाके लिए 60,000 डिलिवरी बॉय हायर करेगी ओला

मुम्बई। ओला के सीईओ भवीश अग्रवाल ने पिछले हफ्ते अपने लाखों यूजर्स को एक मेल भेजा था। इस मेल में अग्रवाल किसी नई कैब सर्विस के बारे में बात नहीं कर रहे थे, बल्कि वह अपने लाखों ग्राहकों को एक फूड पार्टी के लिए आमंत्रित कर रहे थे। इसमें ओला की सब्सिडियरी कंपनी फूडपांडा के ऐप के जरिए सिर्फ 9 रुपये में डेजर्ट और 79 रुपये में बिरयानी ऑफर की जा रही थी। ओला का यह ऑफर उसके कई कस्टमर्स को तीन साल पहले की याद दिला सकता है, जब उन्होंने 5 रुपये प्रति किलोमीटर से भी कम किराये जैसे लुभावने ऑफरों से आकर्षित होकर ओला कैब का इस्तेमाल शुरू किया था।
फूड ऑर्डर की सप्लाई के लिए भी ओला अपने अंदाज में तैयारी कर रही है। कंपनी बंपर ऑफरों के साथ बड़ी संख्या में डिलिवरी बॉय को हायर कर रही है। बेंगलुरु में फूडपांडा अपने डिलिवरी बॉय को तीन महीने में 1.5 लाख रुपये या प्रति महीने 50,000 रुपये की कमाई की गारंटी दे रही है। कंपनी ने डिलिवरी बॉय से जुड़ी वास्तविक सैलरी के बारे में कोई जानकारी देने से मना कर दिया, लेकिन उसका लक्ष्य अगले एक से दो महीनों में 60,000 डिलिवरी बॉय हायर करने का है। फूड डिलिवरी बिजनस खड़ा करने का ओला का यह दूसरा प्रयास है। इससे पहले कंपनी ने 2016 में भी ओला कैफ नाम से फूड बिजनस सेगमेंट में उतरने की कोशिश की थी, जो सफल नहीं रही थी। कंपनी ने ओला कैफे के बंद होने के मौके पर ही इस सेगमेंट में दोबारा एंट्री की तरफ इशारा करते हुए कहा था, हम इससे सबक लेंगे कि आनेवाले समय में आपको कैसे बेहतर तरीके से सर्विस दी जाए।
ओला को यह दूसरा मौका 2017 में मिला, जब उसने फूडपांडा को खरीदा। जर्मनी की फूड डिलिवरी कंपनी हीरो काफी लंबे समय से फूडपांडा इंडिया को अपने से अलग करना चाहती थी। हीरो ने फूडपांडा को रॉकेट इंटरनेट से खरीदा था। डेटा रिसर्च प्लेटफॉर्म पेपरडॉटवीसी के मुताबिक ओला ने एक डील के तहत अपनी 0.82त्न हिस्सेदारी हीरो को दी, जिसके बदले में उसे फूडपांडा इंडिया का बिजनस ओला को ट्रांसफर कर दिया गया। इस डील की वैल्यू पहले करीब 3.8 अरब डॉलर बताई गई थी, जो बाद में 3.2 करोड़ डॉलर पर तय हुई।  फूडपांडा को खरीदने के बाद ओला ने कहा था कि वह अपने फूड डिलिवरी बिजनस को मजबूत करने के लिए करीब 20 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त निवेश करेगी। इसके अलावा अग्रवाल ने अपने मुख्य सहयोगी और फाउंडिंग पार्टनर प्रणय जीवरज्का को कंपनी के सीईओ के तौर पर नियुक्त किया। अगले कुछ महीनों में ओला मुंबई की एक फूड डिलिवरी स्टार्टअप होलाशेफ को भी खरीदने जा रही है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने बताया कि ओला ने भले ही इस सेगमेंट में देरी से एंट्री की है, लेकिन वह मार्केट की दोनों बड़े प्लेयर्स- स्विगी और जोमाटो के मार्केट शेयर हथियाने का कोई मौका नहीं छोडऩा चाहती है।
35-40 रुपये प्रति लीटर डीजल-पेट्रोल बेचना चाहते हैं बाबा रामदेव
नयी दिल्ली। जब देश के कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत 90 रुपये के आसपास तक पहुंच गई है, तब योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव ने दावा किया है कि वह 35 से 40 रुपये प्रति लीटर डीजल-पेट्रोल बेच सकते हैं, बशर्ते सरकार उनको इसकी अनुमति दे दे। बाबा रामदेव ने एक प्राइवेट न्यूज चैनल के खास कार्यक्रम मंच कहा, अगर सरकार मुझे डीजल-पेट्रोल बेचने दे और टैक्स में कुछ छूट दे दे तो मैं भारत को पेट्रोल-डीजल 35-40 रुपये प्रति लीटर में दे सकता हूं। ईंधन को जीएसटी के अंदर लाने की जरूरत है और इसे 28 प्रतिशत टैक्स वाली कैटिगरी में नहीं रखना चाहिए। रामदेव के इस दावे से यही आभास होता है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत के दाम उतने नहीं होने चाहिए थे, जितने अभी हैं। सरकार चाहे तो इनके दाम घट सकते हैं। रामदेव ने अपने इस दावे के साथ मोदी सरकार को यह भी चेतावनी दे दी कि बढ़ती कीमतें सरकार को महंगी पड़ेंगी। उन्होंने कहा, कई लोग मोदी सरकार की नीतियों की तारीफ करते हैं, लेकिन कुछ नीतियों में अब बदलाव की जरूरत है। कीमत वृद्धि एक बड़ा मुद्दा है और मोदीजी को जल्द सुधार के कदम उठाने होंगे। ऐसा नहीं होने पर महंगाई की आग तो मोदी सरकार को बहुत महंगी पड़ेगी। रामदेव को सत्ताधारी बीजेपी का समर्थक माना जाता है, लेकिन उन्होंने अब राजनीति से खुद को दूर कर लिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे, उन्होंने कहा, मैं क्यों करूं? मैं उनके लिए प्रचार नहीं करूंगा।
मैंने राजनीति से दूरी बना ली है। मैं सभी पार्टियों के साथ हूं और मैं स्वतंत्र हूं।'
न दक्षिण, न वाम, मैं मध्यमार्गी: रामदेव

रामदेव ने माना कि वह मध्यमार्गी हैं और न दक्षिणपंथी हैं और न ही वामपंथी। उन्होंने कहा, किसी को मुझे छेडऩे की जरूरत नहीं है क्योंकि मैंने कई विषयों पर 'मौन योग' धारण कर लिया है। बाबा रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करना लोगों का मौलिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान जैसे अच्छे कार्य किए हैं और कोई बड़ा घोटाला नहीं होने दिया है। हालांकि, राफेल डील पर सवाल उठ रहे हैं।