Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


प्रत्यक्ष कर संग्रहके लक्ष्यको पार कर लेनेकी उम्मीद

नयी दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य से अधिक रहने का भरोसा जताया। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 11.5 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर संग्रह होने का बजट लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में सरकार ने प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 14.3 प्रतिशत बढ़कर 11.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है।  चंद्रा ने संवाददाताओं से कहा, ''हम निश्चित रूप से उम्मीद करते हैं कि प्रत्यक्ष कर संग्रह 11.5 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से अधिक रहेगा।ÓÓ हालांकि, महालेखा नियंत्रक के आंकड़े के अनुसार अप्रैल-जून अवधि में प्रत्यक्ष कर संग्रह मामूली रूप से सालाना आधार पर 4.2 प्रतिशत बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये हो गया। चंद्रा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक कर रिफंड करीब 95,000 करोड़ रुपये रहा है। इस साल सरकार ने लंबित प्रत्यक्ष कर वापसी के लिये एक से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया। वित्त मंत्रालय ने पूर्व में एक बयान में कहा था कि लंबित दावों में से 99 प्रतिशत से अधिक का निपटान किया गया है। पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 18 प्रतिशत बढ़कर 10.03 लाख करोड़ रुपये रहा। चंद्रा ने कहा कि फ्लिपकार्ट-वालमार्ट सौदे में लगभग 7,500 करोड़ रुपये कर के रूप में सरकार को मिले हैं। वालमार्ट ने फ्लिपार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण सौदा पूरा कर लिया है। कंपनी ने इसके लिये 16 अरब डालर का भुगतान किया है।
सौदे के तहत कंपनी ने भारतीय कानून के तहत फ्लिपकार्ट के शेयरधारकों को भुगतान करते समय विदहोल्डिंग कर काटा है। विदहोल्डिंग कर एक प्रकार का आयकर है जो कि भुगतान करने वाले को सरकार को देना होता है। इसमें आय प्राप्त करने वाले के बजाय इसका भुगतान करने वाला कर काट कर सरकार को चुकाता है।
 घरेलू कर कानून के तहत विदेशी निवेशकों द्वारा खरीदने के 24 महीने बाद बेचे जाने वाले शेयरों पर 20 प्रतिशत की दर से दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लगाया जाता है। हालांकि, आयकर कानून में कम दर पर अथवा शून्य दर पर भी कर देने का प्रावधान है बशर्ते कि उस देश के साथ जहां से निवेश किया गया है भारत का दोहरे कराधान से बचने का समझौता हुआ हो।
खादी इंडियाने लांच किया प्लास्टिक कचरे से बना इको-फ्रेंडली बैग
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छता ही सेवाÓ अभियान में एक अलग ढंग से अपना योगदान देते हुये 'खादी इंडियाÓ ने प्लास्टिक कचरे और कागज की लुगदी के मिश्रण से बना एक डिजाइनर बैग लांच किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने शनिवार को स्वच्छता दिवस के अवसर पर यहां कनॉट प्लेस स्थित अपने प्रमुख स्टोर में प्लास्टिक-पेपर मिश्रित व पर्यावरण के अनुकूल हस्तनिर्मित बैग की प्रदर्शनी लगाई। केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता अभियान की शुरूआत की, इस मौके पर खादी इंडिया ने देशभर के अपने सभी स्टोर पर सामान ले जाने वाले बैग को पेश किया है। सक्सेना ने बताया कि केवीआईसी ने इस अनूठे बैग को बनाने के लिए जयपुर स्थित कुमारप्पा राष्ट्रीय हस्तनिर्मित पेपर संस्थान (केएनएचपीआई) में यह प्रयोग किया। सक्सेना ने बताया, ''केएनएचपीआई के अधिकारियों को प्लास्टिक कचरे को इक_ा कर फिर उसकी आवश्यक सफाई और प्रसंस्करण के बाद उसमें 20 प्रतिशत तक कागज की लुगदी मिलाने का निर्देश दिया गया था, जिसमें यह देखना था कि प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल हस्तनिर्मित पेपर उद्योग में किया जा सकता है कि नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रयोग सफल रहा।
भेलने की पहले 6000 हॉर्स पावर विद्युत इंजनकी आपूर्ति
नयी दिल्ली। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने परिवहन क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत करते हुए अपने पहले 6,000 हॉर्स पावर विद्युत इंजन को पेश किया है। कंपनी की एक विज्ञप्ति के अनुसार रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैकशन) और रेल मंत्रालय के पूर्व सचिव घनश्याम सिंह ने भेल निर्मित इंजन को उसके झांसी कारखाने से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। रेलवे बोर्ड ने भेल को ऐसे 30 विद्युत इंजनों का बड़ा आर्डर दिया है। उसी के तहत यह पहला इंजन दिया गया है। यह कंपनी द्वारा विनिर्मित पहला विद्युत इंजन है, जो अत्याधुनिक आईजीबीटी (इंसुलेटेड गेट बाई-पोलर ट्रांजिस्टर) वाले इलेक्ट्रॉनिक स्विच पर आधारित 3-फेज वाला इंजन है। इसमें वातानुकूलित (एसी) कैबिन और पानी का स्थान है।
इसमें चलती ट्रेन में ब्रेक लगने पर बिजली उत्पन्न होती है जिसे संग्रहीत किया जा सकता है या तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इस अवसर पर भेल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अतुल सोबती, भेल के निदेशक मंडल के सदस्य और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेल परिवहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भेल पिछले 6 दशक से भारतीय रेलवे के साथ काम कर रही है और उसकी जरूरतों के मुताबिक विद्युत इंजन और उपकरण बनाती है। भेल अब तक भारतीय रेल को 360 विद्युत इंजनों की आपूर्ति कर चुका है। कंपनी के पास परिवहन क्षेत्र में शोध एवं विकास के लिए एक केंद्र और भोपाल, झांसी और बेंगलुरू में विनिर्माण सुविधाएं हैं।